Thursday, September 17, 2026
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‘कुत्ते ढूंढो’ आदेश से बवाल, जम्मू-कश्मीर के शिक्षक बोले- क्या मजाक है?


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Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में स्कूल शिक्षकों को आवारा कुत्तों की निगरानी का नया जिम्मा सौंपा गया है. आदेश के तहत हर स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाकर स्ट्रे डॉग रिपोर्टिंग और म्यूनिसिपल अधिकारियों से समन्वय करवाया जाएगा. शिक्षकों ने इसे असम्मानजनक और पढ़ाई से अलग अनावश्यक बोझ बताते हुए विरोध जताया है.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में स्कूल शिक्षकों से आवारा कुत्तों की निगरानी करवाने का आदेश जारी किया गया है. (फोटो AI)

नई दिल्ली: इस देश में सरकारी स्कूल के शिक्षकों को हालात काफी खराब नजर आती है. सरकारी कोई भी काम हो स्कूल टीचर को थमा दिया जाता है. SIR से लेकर चुनाव ड्यूटी तक. अब जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए एक अजीबोगरीब आदेश सामने आया है. इस आदेश में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों को सिर्फ बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्कूलों के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों पर नजर रखने का काम भी सौंपा गया है. कई शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला उनकी प्रोफेशनल भूमिका को कमतर दिखाता है.

इस निर्देश के मुताबिक हर स्कूल को एक शिक्षक को ‘नोडल ऑफिसर’ बनाना है. जो रोजाना कैंपस के पास दिखने वाले स्ट्रे डॉग्स को नोट करेगा, म्यूनिसिपल टीम को अलर्ट करेगा और उनकी टीम से सीधा संपर्क रखेगा. हैरानी की बात यह है कि इन नियुक्त शिक्षकों का नाम और मोबाइल नंबर स्कूल की दीवार पर खुलकर लिखा जाएगा. शिक्षकों ने इसे निजता पर सीधा हमला बताया है.

क्या है मामला?

पुंछ जिले की शिक्षा प्राधिकरण ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि शिक्षक अब स्ट्रे डॉग गतिविधियों की रिपोर्टिंग भी करेंगे. हर स्कूल को एक शिक्षक को नोडल ऑफिसर के तौर पर नियुक्त करना है, जो नियमित रूप से परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा का आकलन करेगा. आदेश में साफ कहा गया है कि स्ट्रे डॉग दिखने पर तुरंत म्यूनिसिपल अधिकारियों से संपर्क किया जाए, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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हर स्कूल में एक नोडल शिक्षक नियुक्त होगा, जिसका नंबर दीवार पर लिखा जाएगा. (फोटो AI)

क्यों उठा विवाद?

यह आदेश जारी होते ही शिक्षक समुदाय में कड़ा विरोध शुरू हो गया. शिक्षकों का कहना है कि यह काम प्रशासन या नगर निकायों का है, शिक्षकों का नहीं. उनका कहना है कि पढ़ाई, परीक्षा और स्कूल प्रबंधन पहले से ही काफी काम होता है. और अब यह जिम्मेदारी उनके मूल कार्य से बिल्कुल अलग है. कई शिक्षकों ने इस निर्देश को असम्मानजनक, मजाक और अनुचित बोझ बताया है. साथ ही नोडल शिक्षक का मोबाइल नंबर स्कूल की दीवार पर लिखे जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. शिक्षकों का कहना है कि इससे उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है.

कैसे लागू होगा आदेश?

  • स्कूल को एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा.
  • नोडल अधिकारी रोजाना आवारा कुत्तों की गतिविधियों की निगरानी करेंगे.
  • शिक्षक सीधे म्यूनिसिपल अधिकारियों से समन्वय करेंगे.
  • स्कूल की दीवार पर नोडल शिक्षक का नाम और मोबाइल नंबर चस्पा किया जाएगा.
  • किसी भी जोखिम की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए सूचना देने का निर्देश है.

पुंछ ही नहीं, अन्य राज्यों में भी हो चुकी है ऐसी चर्चा

पुंछ का यह विवाद कोई पहला मामला नहीं है. कुछ हफ्ते पहले छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही आदेश सामने आया था. इसमें स्कूल प्रिंसिपलों को आवारा कुत्तों पर नजर रखने को कहा गया था. वहां भी शिक्षकों ने सख्त आपत्ति जताई थी और कांग्रेस पार्टी ने इसे शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ बताया था. शिक्षकों का स्पष्ट तर्क है कि पशु नियंत्रण नगर निकायों की जिम्मेदारी है, और इसे स्कूलों पर नहीं थोपना चाहिए.

आगे क्या?

शिक्षक समुदाय के विरोध के बावजूद विभाग ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. शिक्षकों की मांग है कि यह आदेश तुरंत वापस लिया जाए और यदि सुरक्षा के लिहाज से कोई कदम उठाना है तो उसके लिए प्रशिक्षित म्यूनिसिपल स्टाफ को लगाया जाए, न कि शिक्षकों को.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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