जिलाध्यक्ष विशाल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा।
डीग शहर में शुक्रवार को नर्सेज और पैरामेडिकल कार्मिकों ने स्थायी भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में यू
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जिलाध्यक्ष विशाल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा गया है। इसमें नर्सेज के 12,000 और पैरामेडिकल के 7,000 पदों पर मेरिट एवं बोनस के आधार पर स्थायी भर्ती की मांग की गई है। साथ ही उन्होंने राजस्थान चिकित्सा नियम 1965 में संशोधन न करने का भी आग्रह किया।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश अस्पताल नर्सेज की भारी कमी से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा असर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। वहीं, हजारों की संख्या में नर्सेज और पैरामेडिकल युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संविदा, निविदा और अस्थायी आधार पर कार्यरत नर्सेज कई वर्षों से अल्पवेतन पर सेवाएं दे रहे हैं।
इन कर्मचारियों के अनुभव को देखते हुए उनका स्थायीकरण अब अनिवार्य हो गया है। चिकित्सा विभाग में संविदा और निविदा नर्सेज कई सरकारी योजनाओं में कार्यरत हैं और वे सरकार व चिकित्सा विभाग के ही कर्मचारी हैं। लगातार कार्य करने और सेवाएं देने के कारण वे लंबे समय से पढ़ाई से दूर हैं। इसलिए उन्हें राजस्थान चिकित्सा नियम 1965 के तहत अनुभव/मेरिट बोनस अंक 10, 20, 30 आधारित भर्ती विज्ञापन चाहिए, ताकि सभी नियमित हो सकें।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक बजट घोषणा के अनुरूप धरातल पर स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार जल्द भर्ती विज्ञापन जारी नहीं करती है, तो वे जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

