Last Updated:
Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर में माता मुरारी देवी मंदिर तक जाने वाली सड़क को 45 साल बाद FCA मंजूरी मिली, लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया, 7 करोड़ का बजट तय, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इस रोड की बदहाली को लेकर लोग परेशान थे.
मंडी. हिमाचल प्रदेश में 45 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मंडी जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता मुरारी देवी मंदिर के लिए जाने वाली सड़क की दशा सुधरने जा रही है. सुंदरनगर, बल्ह और सरकाघाट उपमंडलों की सीमाओं पर बसे माता मुरारी देवी मंदिर तक जाने वाली सड़क एक वन मार्ग थी. नियमों के तहत इस सड़क से कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती थी.
गौरतलब है कि चढ़ीघाट तक तो सड़क की ठीक व्यवस्था थी लेकिन उससे आगे 7 किमी की सड़क काफी दयनीय हालत में थी. सुकेत वन मंडल ने औपचारिकताओं की लंबी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अब इसकी एफसीए मंजूरी भारत सरकार से ले ली है.
उप अरण्यपाल सुकेत राकेश कटोच ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चढ़ीघाट से मुरारी देवी मंदिर तक की सड़क को एफसीए मंजूरी मिलने के बाद अब इसे लोक निर्माण विभाग के हवाले किया जा रहा है. अब आगामी देखरेख विभाग द्वारा ही की जाएगी. लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए 7 करोड़ के बजट का प्रावधान भी कर दिया है.
उप अरण्यपाल सुकेत राकेश कटोच ने बताया कि एफसीए का यह केस काफी लंबे समय से चला आ रहा था और इसमें काफी शर्तों को पूरा करना था. जब उन्होंने सुंदरनगर में कार्यभार संभाला था तो इस मामले को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया था. आज उसी का परिणाम है कि लंबे समय से चल रहे इस मामले को अब मंजूरी मिल गई है.
धार्मिक पयर्टन को मिलेगा बढ़ावा
बता दें कि मुरारी देवी मंदिर के लिए जाने वाली सड़क काफी खस्ताहालत में थी. मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं को कीचड़ और गढ़डों से भरी सड़क से होकर जाना पड़ता था. इस कारण उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थी. लेकिन अब उनकी इस समस्या का समाधान होने जा रहा है. इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
About the Author

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

