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भारतीय रेलवे ने ट्रेन्स एट ए ग्लांस 2026 लागू कर 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई, 122 नई ट्रेनें शुरू कीं, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अनुभव बेहतर होगा. 86 ट्रेनों की यात्रा दूरी बढ़ाई गई है, 8 ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ी है और 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड किया गया है.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने नई समय-सारिणी ‘ट्रेन्स एट ए ग्लांस (TAG) 2026’ लागू कर यात्रियों को बड़ी राहत दी है. नई टाइम टेबल के तहत देशभर में 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा पहले से तेज और समय पर हो सकेगी. साथ ही वित्त साल 2025-26 में 122 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं, 86 ट्रेनों की यात्रा दूरी बढ़ाई गई है, 8 ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ी है और 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड किया गया है.
इस बार सबसे ज्यादा बदलाव दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) जोन में हुए हैं, जहां 117 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई है. इसके बाद उत्तर पश्चिम रेलवे में 89, पश्चिम रेलवे में 80 और दक्षिण रेलवे में 75 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी है. रेलवे के मुताबिक इन बदलावों से रोजाना लाखों नियमित यात्रियों, नौकरी-पेशा लोगों और छात्रों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि उन्हें अब कम समय में मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
स्पीड बढ़ने से कितना समय बचेगा, इसका भी ब्यौरा जारी किया गया है. 376 ट्रेनें अब अपने गंतव्य तक 5 से 15 मिनट पहले पहुंचेंगी. 105 ट्रेनों में 16 से 30 मिनट तक की बचत होगी. 48 ट्रेनों से यात्रियों का 31 से 59 मिनट तक का समय बचेगा. जबकि 20 ट्रेनें ऐसी हैं जो पहले के मुकाबले 1 घंटे या उससे ज्यादा पहले पहुंचेंगी. यानी कई रूटों पर यात्रियों को समय की अच्छी-खासी बचत मिलेगी.
नई शुरू की गई 122 ट्रेनों में यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई श्रेणियों की सेवाएं शामिल हैं. इनमें 28 वंदे भारत एक्सप्रेस (सेमी हाई-स्पीड), 26 अमृत भारत एक्सप्रेस, 60 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें, 2 हमसफर, 2 जन शताब्दी, 2 राजधानी और 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं शामिल हैं. इन ट्रेनों के जरिये छोटे और मंझोले शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा ज्यादा आरामदायक बन सकेगी.
रेल मंत्रालय ने बताया कि नई टाइम टेबल का मकसद यात्रियों की सुविधा बढ़ाना, ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में सुधार करना और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है. ‘ट्रेन्स एट ए ग्लांस 2026’ 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुकी है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट बुक करने से पहले आईआरसीटीसी ऐप, आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी रेलवे पूछताछ केंद्र पर अपनी ट्रेन की नई टाइमिंग अवश्य चेक कर लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके

