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नेपाल ने अपने देश की आम जनता को बड़ा झटका दिया है. तेल संकट के बीच पेट्रोल की कीमत में 17 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा नेपाल ऑयल कॉपरेशन ने रसोई गैस (LPG) की कीमत में भी 100 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ाई है.
नए रेट के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत पहली कैटेगरी में 216.50 रुपये, दूसरी में 218 रुपये और तीसरी में 219 रुपये प्रति लीटर तय की गई है.
नेपाल ऑयल कॉपरेशन ने एक महीने में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा. नई दरों के अनुसार, आज शुक्रवार से पेट्रोल की कीमत में 17 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. लगातार बढ़ रही कीमतों से ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के खर्च बढ़ने की आशंका है.
Kathmandu Post के अनुसार, नए रेट के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत पहली कैटेगरी में 216.50 रुपये, दूसरी में 218 रुपये और तीसरी में 219 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. वहीं, डीजल की कीमत पहली कैटेगरी में 204.50 रुपये, दूसरी में 206 रुपये और तीसरी में 207 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
एलपीजी की कीमतें भी बढ़ाई
नेपाल ऑयल कॉपरेशन ने रसोई गैस (LPG) की कीमत में भी 100 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की है. लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ रहा है. कॉरपोरेशन के मुताबिक, कीमत बढ़ाने के बाद भी उसे नुकसान हो रहा है. पेट्रोल पर 16.65 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 109.50 रुपये प्रति लीटर और LPG पर 416.37 रुपये प्रति सिलेंडर का घाटा जारी है.
पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए
सरकारी कंपनी के अनुसार, कस्टम ड्यूटी और इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स में बदलाव के बावजूद उसे हर 15 दिन में करीब 10.21 अरब रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. यानी कीमत बढ़ाने के बाद भी घाटा कम नहीं हो रहा. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एक महीने से भी कम समय में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए जा चुके हैं. फरवरी में डीजल की कीमत 139 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब करीब 47% बढ़ चुकी है.
भारत पूरी करता है तेल की जरूरत
पिछले 75 सालों से भारत अपने पड़ोसी देश नेपाल के लिए मदद करता रहा है. भारत नेपाल का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और उसे कई जरूरी सामान कम कीमत पर देता है, जिसमें पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सबसे अहम हैं. Indian Oil Corporation के जरिए भारत नेपाल की लगभग 100% तेल जरूरतें पूरी करता है.
नेपाल ने चीन से तेल मंगाने का ऑप्सन भी देखा था, लेकिन वहां से तेल लाना काफी महंगा पड़ता है. इसलिए भारत ने नेपाल तक ऑयल पाइपलाइन भी बनाई है, जिससे तेल की सप्लाई आसान और लगातार बनी रहती है, और किसी तरह की कमी नहीं होती.
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यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें

