झुंझुनूं में हुए सड़क हादसे में 3 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि एक दोस्त का इलाज जयपुर के SMS में चल रहा है। परिजनों ने बताया- तीन पहले बाइक पर जाने वाले थे, लेकिन रात ज्यादा होने के चलते चौथे ने उन्हें रोक लिया। कहा- रात बहुत ज्यादा हो गई है, इतनी देर गए बाइक से झुंझुनूं जाना सुरक्षित नहीं है। बाइक यहीं मंदिर में खड़ी कर दो, हम सब साथ में कार से चलते हैं। इसके बाद कार के सामने मवेशी आने से कार 4 बार पलटी और खेत में जाकर खड़ी हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक का शव खेत पर कार से 10 फीट दूर खेत में मिला। SHO संजय गौतम ने बताया- झुंझुनूं के चोमालो का मोहल्ला निवासी सुनील शुक्ला (33), रानी सती मंदिर के पास रहने वाला गौरव सैनी (21), विजय ढंड और जितेंद्र वालिया की हादसे में मौत हो गई। जबकि कार ड्राइवर कर रहा सोनासर स्थित हीरा की ढाणी गए थे। जितेंद्र वालिया (30) घायल है, जिसे झुंझुनूं से जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया है। ‘बाइक पर जाना सेफ नहीं’ परिजनों ने बताया- झुंझुनूं से 13 KM दूर सोनसर स्थित हीरा की ढाणी में भजन संध्या का कार्यक्रम था। रात को भजन संध्या समाप्त हुई, तो 1 बज गया था। तीनों दोस्त विजय, गौरव और सुनील अपनी बाइक से सोनसर ढाणी से झुंझुनूं लौटने के लिए तैयार थे। उनके साथी जितेंद्र वालिया ने उन्हें कहा- रात बहुत ज्यादा हो गई है, इतनी लेट बाइक से झुंझुनूं जाना सेफ नहीं है। बाइक यहीं मंदिर में खड़ी कर दो, हम सब साथ में कार से चलते हैं। उन्होंने अपनी बाइक मंदिर के अहाते में ही खड़ी कर दी। सोनासर-धनुरी मार्ग पर ये हादसा हो गया। परिवार में इकलौता कमाने वाला था विजय के दोस्त अमित सोनी ने बताया- तीनों हमेशा से ही साथ रहते थे। कहीं भी जाना हो एक साथ ही जाते थे। तीनों पर अपने-अपने घर की उम्मीद टिकी थी। इस हादसे के बाद सब खत्म हो गया। विजय (35) के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। विजय बहुत ही मिलनसार और धार्मिक इंसान था। हलवाई का काम करता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रही और विजय ही कमाने वाला इकलौता था। विजय अविवाहित था और अपने पीछे 2 छोटे भाई और एक छोटी बहन और बूढ़े मां-बाप रह गए हैं। बीमार पिता की देखभाल कौन करेगा गौरव के दोस्त दिनेश कुमार सैनी ने बताया- वार्ड 53 के रहने वाले गौरव सैनी (21) बहुत ही शांत स्वभाव का था। उसके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। वहीं उनकी सेवा करता था और इलाज का खर्च उठा रहा था। गौरव के पिता की देखभाल कौन करेगा ये सबसे बड़ा सवाल है। अब गौरव के घर में कमाने वाला कोई नहीं है। उसका एक छोटा भाई है। धार्मिक कार्यक्रम से सबसे आगे रहता था सुनील सुनील शुक्ला (33) पुत्र पंडित दीनदयाल अपने मिलनसार स्वभाव के लिए पूरे मोहल्ले में मशहूर थे। सुनील शादी ब्याह में पंडित का काम करते थे। इसी से अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। समाज सेवा और अपने मोहल्ले में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम में सुनील सबसे आगे रहता था। हादसे की ये खबर भी पढ़ें… तेज रफ्तार कार चार बार पलटी, तीन दोस्तों की मौत: 15 फीट दूर खेत में गिरी, परखच्चे उड़े; प्रत्यक्षदर्शी बोला-एक घंटे बाद मिला तीसरा शव झुंझुनूं जिले में तेज रफ्तार कार पलटने से तीन दोस्तों की मौत हो गई। वहीं कार चला रहा युवक गंभीर घायल हो गया। हादसा धनूरी थाना में झुंझुनूं-मंड्रेला रोड पर शनिवार देर रात 1 बजे हुआ। (पढ़ें पूरी खबर)
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