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ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर भारत का सैन्य नेतृत्व जयपुर में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है. 7 मई को पूर्व महानिदेशक (ऑपरेशंस) उन तीन जांबाज अफसरों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिन्होंने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की कमान संभाली थी. सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों की इस अहम बैठक में भविष्य के थिएटर कमांड और रणनीतिक चुनौतियों पर मंथन होगा, जो दुश्मन के लिए कड़ा संदेश है.
ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरे होने वाले हैं.
नई दिल्ली. 7 मई 2025 की वो तारीख जब सरहद के उस पार मौत का सन्नाटा पसरा था और भारतीय मिसाइलों ने पाकिस्तान के एयरबेस से लेकर आतंकी लॉन्च पैड्स तक को सिंदूरी आग से नहला दिया था. ऑपरेशन सिंदूर एक ऐसा सैन्य पलटवार जिसने न केवल 26 निर्दोषों की शहादत का बदला लिया बल्कि आधुनिक युद्धक इतिहास में भारत की नई इबारत लिख दी. अब एक साल बाद उसी शौर्य की याद में जयपुर की धरती पर सैन्य रणनीतियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है. जब पूर्व DG ऑपरेशंस के साथ वही तीन चेहरे दोबारा मीडिया के सामने आएंगे जिन्होंने उस वक्त दुश्मन की तबाही की पल-पल की गवाही दी थी तो यकीन मानिए पाकिस्तान की धड़कनें एक बार फिर तेज होने वाली हैं. यह सिर्फ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं बल्कि भारत की उस अजेय शक्ति की हुंकार है जिसने चार दिनों के भीतर ही दुश्मन को घुटनों पर ला दिया था.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारत का सैन्य नेतृत्व जयपुर में एक हाई-प्रोफाइल बैठक करने जा रहा है. इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख, उप-प्रमुख और वरिष्ठ कमांडर शामिल होंगे. यह बैठक उस समय हो रही है जब भारत अपनी सैन्य संरचना में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ‘एटर कमांड की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.
रणनीतिक चर्चा के प्वाइंट
· वही चेहरे, वही जोश: 7 मई को पूर्व महानिदेशक (ऑपरेशंस) के साथ वे तीन अहम अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण फैसले लिए थे.
· जयपुर मिलिट्री कॉन्क्लेव: टॉप कमांडर न केवल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विश्लेषण करेंगे बल्कि भविष्य की चुनौतियों और पाकिस्तान-चीन सीमा के लिए प्रस्तावित थिएटर कमांड्स पर भी मंथन करेंगे.
· ऑपरेशन का फ्लैशबैक: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले (26 नागरिकों की मौत) के जवाब में भारत ने 7 मई को जैश और लश्कर के ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की थी.
जब 4 दिन तक थर्राया था पाकिस्तान
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक हमला नहीं बल्कि पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति थी. मिसाइल हमलों के बाद पाकिस्तान ने जम्मू में गोलाबारी की लेकिन भारतीय सेना के प्रचंड प्रहार के आगे उसे टिकना मुश्किल हो गया. अंततः 10 मई 2025 को दोनों देशों के DGMO के बीच हॉटलाइन पर हुई बातचीत के बाद युद्धविराम का ऐलान हुआ था.
सवाल-जवाब
ऑपरेशन सिंदूर किस घटना के जवाब में शुरू किया गया था?
यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी.
7 मई को जयपुर में होने वाली बैठक का क्या महत्व है?
इस बैठक में CDS और तीनों सेना प्रमुख ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अनुभवों और भविष्य के ‘थिएटर कमांड’ की रणनीति पर चर्चा करेंगे.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धविराम कब लागू हुआ था?
चार दिनों के तीव्र संघर्ष के बाद 10 मई 2025 को दोनों देशों के DGMO के बीच हुई हॉटलाइन वार्ता के बाद युद्धविराम की घोषणा हुई थी.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

