Thursday, May 28, 2026
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ब्रह्मोस की नोक पर इस्‍लामिक NATO का खलीफा, तीन तरफ से घेरेबंदी देख हुआ बेदम


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ब्रह्मोस की नोक पर इस्‍लामिक NATO का खलीफा, तीन तरफ से घेरेबंदी देख हुआ बेदम

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India Brahmos Diplomacy: बदलते सामरिक माहौल को देखते हुए भारत इंटरनेशनल लेवल पर अपने पैर मजबूती से जमाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इस्‍लामिक NATO बनाकर जिस तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्‍तान की मदद की थी, अब उसका अपने ही आवोहवा में दम घुटने लगा है. भारत ने तुर्की के पड़ोस में ऐसी डिप्‍लोमेसी शुरू की है, जिससे तुर्की का बीपी बढ़ने लगा है.

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भारत इस्‍लामिक NATO के अगुआ तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की तैयारी कर रहा है. तुर्की के तीन पड़ोसी देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल में अपनी दिलचस्‍पी दिखाइ है. (फाइल फोटो/Reuters)

India Brahmos Diplomacy: भारत की एक कूटनीतिक चाल से इस्‍लामिक NATO के खलीफ तुर्की का दम घुटने लगना है. तुर्की ने जिस तरह से आतंकवादियों के पनाहगार पाकिस्‍तान का साथ दे रहा है, उससे भारत को अपनी नीति पर पुनर्विचार करने और उसे बदलने पर मजबूर होना पड़ा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की एक्‍सपर्ट पाकिस्‍तान में मौजूद थे. इससे भारत की चिंता और भी बढ़ गई. इसके बाद तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की कवायद शुरू कर दी गई. अब इसका असर दिखने लगा है. तुर्की की बौखलाहट बढ़ गई है. दरअसल, भारत ने भूमध्‍य सागर में अपनी डिफेंस डिप्‍लोमेसी को रफ्तार के साथ धार देना भी शुरू कर दिया है. अभी तो बस शुरुआत भर है, लेकिन उससे ही इस्‍लामिक NATO के इस खलीफा का दम निकलने लगा है. भारत तुर्की के तीन पड़ोसी देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों को लगातार नई ऊंचाई दे रहा है. इन तीनों देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की खरीद में दिलचस्‍पी भी दिखाई है. ब्रह्मोस का नाम सुनकर ही तुर्की में घबराहट है. तुर्की की मीडिया में इस बात की ड‍िमांड भी बढ़ गई है कि इससे पहले कि ग्रीस की हाथों में ब्रह्मोस जैसी मिसाइल और मॉडर्न वेपन सिस्‍टम पहुंचे, उसपर अटैक कर देना चाहिए.

पिछले कुछ सालों में भारत ने भूमध्‍य सागर में तुर्की के तीन पड़ोसी देशों – अर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर काम करना शुरू किया है. खासकर रक्षा के क्षेत्र में तीनों देशों ने भारत के साथ संबंधों को नया आयाम देने की गंभीर कोशिश की है. तुर्की के मनमाने रवैये से परेशान अर्मेनिया के भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध हैं. अर्मेनिया को भारत से कई तरह के मॉडर्न वेपन सिस्‍टम भी मिले हैं. दूसरी तरफ, साइप्रस और ग्रीस भी भारत के साथ रक्षा संबंधों को बढ़ाने में जुटे हैं. कुछ दिनों पहले ही साइप्रस के प्रधानमंत्री निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत के दौरे पर आए थे. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्‍ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही साइप्रस और भारत के बीच रक्षा संबंध आने वाले दिनों में और भी मजबूत होने की संभावना प्रबल हो गई है. भारत और ग्रीस के बीच भी स्‍ट्रैटजकि पार्टनरशिप को लेकर एग्रीमेंट हुआ है. एथेंस ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में अपनी दिलचस्‍पी दिखाई है.



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