देश के अंतिम छोर पर बसे जैसलमेर जिले के सरहदी गांवों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज योजना (VVP-II)’ के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। इस योजना के अंतर्गत जैसलमेर जिले के कुल 30 गांवों को शामिल किया गया है, जहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया- आजादी के लंबे अंतराल के बाद भी रेगिस्तानी और सीमावर्ती इलाकों के जो ग्रामीण जरूरी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे थे, उन्हें अब राहत मिलेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती आबादी का देश के साथ जुड़ाव बढ़ाना और उन्हें सीमा सुरक्षा बलों के ‘आंख और कान’ के रूप में तैयार करना है। गांवों में बेहतर सुविधाएं, 4G टेलीकॉम नेटवर्क, टेलीविजन कनेक्टिविटी, स्मार्ट क्लास और पर्यटन सर्किट विकसित होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए साधन खुलेंगे, जिससे सीमांत गांवों से होने वाले पलायन पर रोक लगेगी। पहले चरण में 515 करोड़ से होंगे काम योजना के तहत चिन्हित किए गए प्रत्येक गांव में प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य करवाए जाएंगे। पूरे राजस्थान की बात करें तो पहले चरण में बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर सहित कुल 123 गांवों में 232 करोड़ रुपये की लागत से 515 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। बीकानेर में कलेक्टर से हुई थी विशेष मुलाकात इस योजना को लेकर केंद्र सरकार कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में जब गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर आए थे, तो उन्होंने जैसलमेर जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल से खास बातचीत की। शाह ने कलेक्टर को साफ निर्देश दिए कि बॉर्डर के गांवों का विकास प्लान इस तरह बनाया जाए कि हर गरीब और आखिरी कतार में बैठे व्यक्ति तक सरकार की मदद सीधी और आसानी से पहुंच सके। पलायन पर लगेगी रोक गृहमंत्री अमित शाह का मानना है कि बॉर्डर पर बसे देश के आखिरी गांव सिर्फ नक्शे का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोग देश की सुरक्षा की पहली ढाल हैं। अगर सुविधाओं के अभाव में ये गांव खाली होते हैं, तो यह देश की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। इसीलिए बीकानेर की बैठक में शाह ने जैसलमेर कलेक्टर को निर्देश दिए कि इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क और रोजगार पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाए, ताकि लोग अपने गांव में ही डटे रहें। जैसलमेर के ब्लॉकवार चयनित 30 गांवों की सूची जैसलमेर जिले के 3 ब्लॉकों के कुल 30 गांवों में यह विकास योजना लागू की जाएगी: इन सभी गांवों के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर सीमा सुरक्षा बलों के स्थानीय यूनिट्स के साथ समन्वय बिठाकर बुनियादी ढांचा खड़ा किया जाएगा।
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