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लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में कथित तौर पर ट्रेन के टॉयलेट परिसर में खाने के बर्तन धोने का वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. एक तरफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने दावा किया है कि उसने इस मामले में रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) को नोटिस जारी किया है, वहीं दूसरी ओर IRCTC ने कहा है कि उसे FSSAI की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी माना है कि घटना के बाद कार्रवाई की गई है.
ट्रेन टॉयलेट में धोए जा रहे थे बर्तन
अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर सकती है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने ट्रेन के खाने की सफाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) का है. इस ट्रेन के टॉयलेट में खाने के बर्तन धोए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. इस पूरे मामले पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है.
एक तरफ जहाँ FSSAI ने इसे यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बताते हुए कड़ा नोटिस जारी करने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ IRCTC ने साफ कर दिया है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि, रेलवे ने यह भी जोड़ा कि वीडियो सामने आते ही उन्होंने आरोपी स्टाफ पर तुरंत सख्त एक्शन ले लिया था.
FSSAI का दावा, स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन
वीडियो सामने आने के बाद FSSAI ने इसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया. FSSAI ने इस घटना को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2011 का सीधा उल्लंघन माना है. FSSAI के मुताबिक, उन्होंने 28 मई 2026 को IRCTC को एक वैधानिक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में IRCTC से तुरंत पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और चेतावनी दी गई है कि लापरवाही जारी रहने पर फूड सेफ्टी एक्ट, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
IRCTC की सफाई- FSSAI से कोई नोटिस नहीं मिला.
आईआरसीटीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर FSSAI के दावों को खारिज करते हुए स्थिति साफ की है. आईआरसीटीसी ने साफ किया कि उन्हें इस मामले में FSSAI की तरफ से कोई नोटिस हासिल नहीं हुआ है. रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसके सभी मोबाइल कैटरिंग यूनिट्स FSSAI लाइसेंस के तहत संचालित होते हैं, लेकिन उनका निरीक्षण और नियमन रेलवे के नामित अधिकारियों की ओर से किया जाता है, न कि FSSAI अधिकारियों की ओर से.
This is to clarify that IRCTC has received no notice from FSSAI in this case. All mobile catering units operates with FSSAI licenses issued by designated Railway authorities as per rules and regulations and not FSSAI authorities.

