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Madhubani Famous Aloo Bam: अगर आप मधुबनी आ जा रहे हैं तो एक बार फेमस आलू बम जरूर चखें. स्टेशन से आठ किलोमीटर दूर आपको बैजू बम खानें को मिल जाएगा. बता दें कि लगभग 70-75 साल पुरानी दुकान बैजू बम जो अरेर बीचला चौक पर स्थित है. इसका नाम न सिर्फ मधुबनी जिला बल्कि दरभंगा सीतामढ़ी और मधुबनी के अलग-अलग प्रखंडों से लोग यहां खाने के लिए आते हैं. महज पांच घंटे में 12 हजार पीस लोग चट कर जाते हैं. यह आपको 20 रुपये पीस खाने को मिलेगा.
मधुबनी: मधुबनी अपनी संस्कृति के साथ खान-पान के लिए काफी प्रसिद्ध है. आपने अबतक आलू चप खाया होगा? पर क्या आपने आलू बम खाया है. इसको बनाने का तरीका भी काफी खास है. इसमें बेसन का इस्तेमाल नाम मात्र का होता है. आलू के बीच में चना दाल और मसाले को भरकर बैजू बम यानी आलू बम बनता है. सिर्फ 5 घंटे के लिए यह दुकान खुलती है. भीड़ ऐसी की लाइन में लगने पर भी कई बार नहीं मिलता है. इसका स्वाद ऐसा है कि महज 5 घंटे में 12 हजार पीस की बिक्री हो जाती है.
जानिए क्या है आलू बम और इसका खास मसाला?
आज आपको मधुबनी की सबसे फेमस स्वादिष्ट आलू बम खिलाते हैं. जिसे आलू बम नहीं लोग बैजू बम के नाम से जानते है. इसकी पूरी रेसिपी की भी जानकारी देंगे. अगर आप भी किसी कारण बस मधुबनी आ रहे और कुछ नया डिश ट्राई करना चाहते है? तो स्टेशन से आठ किलोमीटर दूर आपको बैजू बम खानें को मिल जाएगा. बता दें कि लगभग 70-75 साल पुरानी दुकान बैजू बम जो अरेर बीचला चौक पर स्थित है. इसका नाम न सिर्फ मधुबनी जिला बल्कि दरभंगा सीतामढ़ी और मधुबनी के अलग-अलग प्रखंडों से लोग यहां खाने के लिए आते हैं.
जानिए किन मसाले का होता है इस्तेमाल
बैजू बम पसंद आने का सबसे बड़ा कारण आलू और उसके बीच में भरे जाने मसाला. पहले चना को भींगो कर प्याज, लहसुन, खड़ा मसाला, किचन के सभी मसाले हल्दी, नमक, मिर्च, धनिया और उसको डिप फ्राई करके खास स्टफिंग तैयार करते हैं. फिर आलू चोखा और मसाले की स्टफिंग करते हैं. इसके बाद आलू और बेसन की पतली घोल लगाकर फ्राई करते हैं. इससे इसका स्वाद काफी लाजबाव होता है.
पांच घंटे में बैजू बम खानें की मचती है लूट
लोकल 18 से बैजू बम बना रहे दुकानदार बताते हैं कि दुकान केवल 5 घंटे के लिए खुलती है. प्रतिदिन हमारा 10000 से 12000 पीस बैजू बम बिक जाता है. हालांकि मसाला बनाना, आलू चोखा ये सब का प्रक्रिया सुबह से शुरू होती है. सुबह में चना मसाले आलू के बीच में मसाले के स्टफिंग के लिए बनाकर रखते है. दुकान खोलने के बाद गार्म-गर्म कोयला पर पका हुआ बम खिलाते है. इसकी कीमत ₹20 होती है. यह एक दिन में 10 से 12000 पीस की बिक्री है. दुकान सुबह 1:00 से खुल जाती है. यह 6:00 तक खुली रहती है. लोग नाम पर भी खाने के लिए आते हैं. इसका अनोखा स्वाद और क्वालिटी भी बहुत अच्छी होती है. चूंकि कई पीढ़ी के लोग इन 70-75 वर्षों से अरेर का बैजू बम खा चुकें है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

