Wednesday, July 1, 2026
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लॉक अप रियल्टी शो में कंटेस्टेंट के गले में क्या है, आपके मन में भी है ये सवाल? ये है जवाब


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रियलिटी शो ‘लॉक अप’ में कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला भारी गोल गैजेट न तो कोई माइक्रोफोन है और न ही कोई जीपीएस ट्रैकर. यह असल में खास तौर पर शो के लिए तैयार किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ है. इसका एकमात्र काम कंटेस्टेंट्स के खेल के आधार पर अपना रंग बदलना है, जिससे उनके अच्छे या खराब प्रदर्शन का पता चलता है.

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लॉक अप के कंटेस्टेंट ने गले में पट्टा क्यों पहना है? ये है जवाबZoom

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. (youtube/netflix india)

नई दिल्ली. रियलिटी शो ‘लॉक अप’ देखने वाले दर्शकों के मन में अक्सर एक सवाल जरूर कौंधता है कि कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला वह भारी, गोल और काले रंग का गैजेट आखिर क्या है? सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं. कोई इसे कंटेस्टेंट्स की आवाज रिकॉर्ड करने वाला एडवांस माइक्रोफोन बताता है, तो कोई इसे जेल की थीम के तहत कैदियों को ट्रैक करने वाला जीपीएस (GPS) सर्विलांस कॉलर कहता है. लेकिन इंटरनेट पर चलने वाली इन तमाम थ्योरीज और दावों से अलग इस गैजेट की असलियत बेहद साधारण और दिलचस्प है.

तकनीकी रूप से यह गैजेट न तो कोई आवाज रिकॉर्ड करने वाला माइक्रोफोन है और न ही किसी को ट्रैक करने वाला कोई जीपीएस लोकेटर. यह असल में खास तौर पर इसी शो के लिए डिजाइन किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ (Status Band) है. मेकर्स ने शो में कैदियों जैसा माहौल बनाने और खेल के रोमांच को लाइव दिखाने के लिए इस खास गैजेट को तैयार करवाया है, जो सीधे कंट्रोल रूम से ऑपरेट होता है.

कैसे काम करता है यह स्टेटस बैंड और क्या है इसका काम?

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. यह केवल एक विजुअल इंडिकेटर (रंग बदलने वाला बैंड) की तरह काम करता है. इस डिवाइस का मुख्य काम और खासियत निम्नलिखित हैं:

  • खेल का स्टेटस दिखाना: यह बैंड सीधे तौर पर कंटेस्टेंट्स के बर्ताव और शो में उनके प्रदर्शन को लाइव दर्शाता है. जब कोई प्रतियोगी शो के नियमों का पालन करता है, टास्क में बेहतरीन प्रदर्शन करता है या अच्छा काम करता है, तो कंट्रोल रूम से इस बैंड की ‘ग्रीन लाइट’ (हरी बत्ती) को ऑन कर दिया जाता है.
  • नियमों के उल्लंघन पर अलर्ट: इसके विपरीत, जब कोई कंटेस्टेंट जेल के नियमों को तोड़ता है, किसी से बदतमीजी करता है या टास्क में खराब प्रदर्शन करता है, तो इस स्टेटस बैंड की ‘रेड लाइट’ (लाल बत्ती) ऑन हो जाती है. यह लाल बत्ती इस बात का प्रतीक होती है कि वह कंटेस्टेंट अब खतरे में है या उसे कोई सजा मिल सकती है.
  • दर्शकों और जेलर के लिए सीधा संकेत: इस गैजेट का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि शो के होस्ट, जेलर या लाइव फीड देख रहे दर्शकों को तुरंत पता चल जाता है कि इस समय किस कैदी का स्टेटस सुरक्षित (जेल की भाषा में कहें तो उनका आचरण सही) है और कौन रेड ज़ोन में चल रहा है.

थीम और ड्रामे को बढ़ाने वाला गैजेट

चूंकि ‘लॉक अप’ शो का पूरा कॉन्सेप्ट एक सख्त और असली जेल पर आधारित है, इसलिए मेकर्स ने कंटेस्टेंट्स के लिए इसे चौबीसों घंटे गले में पहनना अनिवार्य कर दिया है. यह भारी और अजीब दिखने वाला गोल बैंड जब गले में लटका रहता है, तो दर्शकों को भी स्क्रीन पर एक असली कैदी वाली फीलिंग आती है. इस स्टेटस बैंड का केवल यही एक काम है कि यह कंटेस्टेंट्स के अच्छे-बुरे काम के हिसाब से अपना रंग बदलता रहता है, जिससे शो का रोमांच और ड्रामा कई गुना बढ़ जाता है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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