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Tax on Petrol-Diesel : सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल और हवाई ईंधन पर विंडफाल टैक्स घटा दिया है. अब देश के बाहर निर्यात किए जाने वाले तेल पर कम टैक्स लगेगा तो कंपनियां भी ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगी. सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में तीनों ही ईंधन पर विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया था.
सरकार ने पेट्रोल-डीजल और एटीएफ पर विंडफाल टैक्स घटा दिया है.
नई दिल्ली. देश में पेट्रोल और डीजल का उत्पादन सामान्य होने और डिमांड से ज्यादा सप्लाई पहुंचने के बाद सरकार ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए निर्यात किए जाने वाले तेल पर टैक्स कम कर दिया है. सरकार ने आदेश दिया है कि शनिवार से ही निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन पर विंडफाल टैक्स कम किया जा रहा है. आदेश के तहत डीजल पर टैक्स 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल पर 3.5 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है. हवाई ईंधन पर भी टैक्स को 22 रुपये लीटर से घटाकर 19.5 रुपये कर दिया गया है.
सरकार हर पखवाड़े पर पेट्रोल-डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ पर विंडफाल टैक्स रिवाइज करती है. यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के आधार पर तय की जाती है. पहली बार सरकार ने निर्यात किए जाने वाले ईंधन पर विंडफाल टैक्स जुलाई, 2022 में लगाया था. इसका मकसद तेल कंपनियों और रिफाइनरियों की ओर ईंधन निर्यात करके कमाए जाने वाले बड़े मुनाफे पर लगाम कसना था. जब ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम ज्यादा बढ़ते हैं तो भारतीय कंपनियां भी अपने प्रोडक्ट बाहर भेजकर जबरदस्त मुनाफा कमाती हैं.
क्या देश में सस्ता होगा तेल
विंडफाल टैक्स घटाने का असर तेल की घरेलू कीमतों पर नहीं दिखेगा. यह टैक्स सिर्फ देश के बाहर जाने वाले तेल पर कम किया गया है, जिसका सीधा फायदा तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को होगा. सरकार ने साल 2024 में विडफाल टैक्स को खत्म भी कर दिया था, लेकिन इसे मार्च 2026 में दोबारा लागू कर दिया गया, क्योंकि ईरान और अमेरिका युद्ध की वजह से ग्लोबल बाजार में तेल की कीमतें अंधाधुंध बढ़ने लगीं जिससे भारतीय कंपनियों के ज्यादा निर्यात करने की आशंका पैदा हो गई. निर्यात पर लगाम कसने के लिए ही सरकार ने दोबारा विंडफाल टैक्स लगा दिया.
इसी महीने बढ़ाया था टैक्स
सरकार ने विंडफाल टैक्स को इसी महीने बढ़ाया था. 3 अगस्त को इसे बढ़ाकर डीजल पर 25.5 रुपये लीटर कर दिया गया था, जो पहले 15.5 रुपये लीटर था. इसका मतलब है कि एकमुश्त 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसी तरह, एटीएफ पर 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर का विंडफाल टैक्स लगाया गया था. पेट्रोल पर भी विंडफाल टैक्स 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये किया गया था, लेकिन अब इसे शून्य कर दिया गया है.
क्या है इस टैक्स का मकसद
सरकार ने विंडफाल टैक्स इसलिए लगाया था, ताकि कंपनियां ज्यादा मुनाफे के चक्कर में अपना तेल देश के बाहर न भेज दें. देश के भीतर तेल की सप्लाई बेहतर बनाए रखने के लिए ही सरकार ने यह टैक्स कंपनियों पर लगाया है. पिछले कुछ समय से ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से भारतीय तेल कंपनियां और रिफाइनरियां निर्यात पर जोर देना चाहती हैं. इसी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने विंडफाल टैक्स लगाया है. हालांकि, यह टैक्स देश के भीतर बिकने वाले तेल पर लागू नहीं होता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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