Monday, May 25, 2026
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डेजी नाम की बिल्ली ने पागल कर दिया… ऐसा क्‍या हुआ? जज को करनी पड़ी ये टिप्‍पणी


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Karnataka News in Hindi: कर्नाटक हाईकोर्ट ने ताहा हुसैन को डेजी नामक बिल्ली चोरी के मामले में बरी कर दिया. न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने कहा कि ऐसे तुच्छ मामलों से न्याय प्रणाली अवरुद्ध हो जाएगी. लिहाजा इस केस को …और पढ़ें

कर्नाटक पुलिस ने यह केस रजिस्‍टर किया था. (Representational Picture)

हाइलाइट्स

  • कर्नाटक हाईकोर्ट ने ताहा हुसैन को बरी किया.
  • न्यायमूर्ति ने तुच्छ मामलों से न्याय प्रणाली अवरुद्ध होने की बात कही.
  • हुसैन पर बिल्ली चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था.

Karnataka News in Hindi: कर्नाटक हाईकोर्ट में ‘डेजी’ नाम की बिल्ली चोरी से जुड़ा एक मामला सुनवाई के लिए सामने आया.  इस केस में पुलिस ने आरोपी युवक ताहा हुसैन को अरेस्‍ट किया था. कोर्ट ने उसे बरी करते हुए कहा कि दायर आपराधिक मामला खारिज किया जाता है. जब मामला न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना के समक्ष सुनवाई के लिए आया तो उन्‍होंने टिप्पणी की, ‘‘डेजी नामक बिल्ली ने सभी को पागल कर दिया.’’ इसके बाद उन्होंने ताहा हुसैन के खिलाफ कार्यवाही को रद्द कर दिया, जिन्होंने दावा किया था कि उनके पड़ोसी ने उनके खिलाफ झूठा पुलिस मामला दर्ज कराया था. आरोप लगाया गया था कि उन्होंने उनकी बिल्ली को चुरा लिया.

कोर्ट ने माना तुच्‍छ मामला

याचिकाकर्ता ने 2023 में दर्ज मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट न्यायालय का रुख किया था. मामले में 23 जुलाई, 2024 को सुनवाई हुई थी. न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने तब हुसैन को अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ सभी कानूनी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. अदालत ने कहा था, ‘‘ऐसे तुच्छ मामलों में आगे कार्यवाही की अनुमति देने से आपराधिक न्याय प्रणाली अवरुद्ध हो जाएगी.’’

हुसैन के घर में दिखी थी बिल्‍ली

जुलाई 2024 में FIR के बाद पुलिस ने हुसैन के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया था. हुसैन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 504, 506 और 509 के तहत आपराधिक धमकी, शांति भंग करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने दावा किया था कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई और एक खास समय पर बिल्ली को हुसैन के घर के अंदर देखा गया. हुसैन के वकील ने उस समय दलील दी थी कि बिल्लियां खिड़कियों के माध्यम से एक घर से दूसरे घर में आती-जाती हैं और यह अपराध का मामला नहीं हो सकता.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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