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जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो मई में 3.93% थी. महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम में बढ़ोतरी रही. खाद्य महंगाई 5.32% और फूड-बेवरेज महंगाई 5.05% दर्ज की गई. इसके अलावा कपड़े, जूते-चप्पल, हाउसिंग और घरेलू सामान भी महंगे हुए हैं. इससे आम लोगों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना है.
जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो मई में 3.93% थी.
जून महीने में आम लोगों को बड़ा झटका लगा है. रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रिटेल महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38% हो गई है. मई में यह 3.93% थी. यानी एक महीने में महंगाई में 0.45 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
महंगाई बढ़ने का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर देखने को मिला है. इसके अलावा कपड़े, जूते-चप्पल, घर से जुड़ी सेवाएं और घरेलू सामान भी पहले के मुकाबले महंगे हुए हैं. ऐसे में आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है.
खाने-पीने की चीजें हुईं और महंगी
फूड , बेवरेज महंगाई 4.55% से बढॉकर 5.05% (MoM) (PTI Photo)
जून में खाद्य महंगाई (Food Inflation) बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई. वहीं फूड और बेवरेज महंगाई भी 4.55% से बढ़कर 5.05% हो गई. इसका मतलब है कि सब्जियां, फल, दूध, अनाज और दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाम पहले के मुकाबले बढ़े हैं. खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ने का सीधा असर हर घर के खर्च पर पड़ता है. खासकर मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों का मासिक बजट इससे ज्यादा प्रभावित होता है.
शहर से लेकर गांव तक बढ़ी महंगाई
रिपोर्ट के अनुसार, शहरी महंगाई मई के 3.53% से बढ़कर जून में 3.92% हो गई. वहीं ग्रामीण महंगाई भी 4.25% से बढ़कर 4.74% पहुंच गई. इसका मतलब है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी रोजमर्रा की चीजें महंगी हुई हैं. ग्रामीण इलाकों में महंगाई की दर शहरों की तुलना में अधिक रही, जिससे वहां रहने वाले लोगों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.
कपड़े, घर का सामान और हाउसिंग भी हुई महंगी
रिपोर्ट के मुताबिक, कपड़े, जूते और चप्पल से जुड़ी महंगाई बढ़कर 3.23% हो गई है. वहीं, हाउसिंग और यूटिलिटी यानी घर से जुड़ी सेवाओं की महंगाई बढ़कर 1.99% दर्ज की गई. इसके अलावा फर्निशिंग और घरेलू उपकरणों की महंगाई भी बढ़कर 2.19% हो गई. यानी घर के इस्तेमाल का सामान खरीदना पहले की तुलना में थोड़ा महंगा हो गया है. हालांकि, पान, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों की महंगाई में कोई बदलाव नहीं हुआ. यह लगातार 4.83% पर बनी हुई है.
अलग-अलग राज्यों में महंगाई डेटा
जून में रिटेल महंगाई दर 4.38 फीसदी रही. (PTI)
चार्ट के अनुसार, तेलंगाना में सबसे अधिक CPI (6.36%) और खाद्य महंगाई (7.79%) दर्ज की गई है. आंध्र प्रदेश में रिटेल महंगाई सबसे ज्यादा 8.18% रही, जबकि CPI 5.39% है. तमिलनाडु (CPI 5.24%, खाद्य महंगाई 7.08%) और ओडिशा (CPI 5.15%, खाद्य महंगाई 6.40%) में भी महंगाई अपेक्षा ऊंची रही. वहीं, मध्य प्रदेश में इन पांच राज्यों में सबसे कम CPI 5.09% और खाद्य महंगाई 4.94% दर्ज की गई है.
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यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें

