अभिषेक सिंह | सीतापुर4 मिनट पहले
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सीतापुर के एपीटीसी (APTC) कमांडेंट के सरकारी आवास पर कार्यरत निजी फॉलोअर शैलेन्द्र पाल की बुधवार को संदिग्ध मौत के मामले में करीब 14 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने परिजनों की मांग पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
खैराबाद थाना पुलिस ने एपीटीसी के तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कार्रवाई के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए और शैलेन्द्र का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे संपन्न कराया गया।

शैलेन्द्र पाल की मौत के बाद परिजनों ने एपीटीसी कमांडेंट शोगुन गौतम पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि चोरी के संदेह में शैलेन्द्र को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उपचार के लिए लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
घटना की जानकारी मिलने पर बुधवार रात करीब 9 बजे कांग्रेस सांसद राकेश राठौर दिल्ली से सीधे सीतापुर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। बुधवार देर रात शव गांव पहुंचने के बाद शुरू हुआ धरना करीब 14 घंटे तक चला। इस दौरान एएसपी, एसडीएम समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने सांसद और परिजनों से वार्ता की, लेकिन परिजन एफआईआर दर्ज होने तक अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हुए।

गुरुवार सुबह से चली लंबी वार्ता के बाद पुलिस ने एपीटीसी के तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके साथ ही प्रशासन ने पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को पुलिस विभाग में संविदा पर नौकरी देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और आवासीय पट्टा देने का आश्वासन दिया। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ।

इसके बाद परिजनों ने शैलेन्द्र पाल के शव का अंतिम संस्कार किया। एएसपी आलोक सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सांसद राकेश राठौर ने कहा कि इस मामले में परिजनों के आरोप गंभीर है। कमांडेंट के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय पत्राचार किया जाएगा।


