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Karonda Pickle Recipe: अंजलि चतुर्वेदी ने कहा कि अगर करौंदे के अचार का स्वाद और शेल्फ लाइफ बढ़ानी है, तो इसमें एक से दो छोटे चम्मच सफेद सिरका या फिर नींबू का रस जरूर मिलाएं. इससे अचार जल्दी खराब नहीं होगा. तैयार मिश्रण को साफ और पूरी तरह सूखे कांच के जार में भर दें.
सतना. बारिश का मौसम आते ही बाजारों में हरे-हरे करौंदे नजर आने लगते हैं. खट्टे स्वाद वाला यह छोटा सा फल सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसी मौसम में घरों में करौंदे का देसी अचार बनाने की परंपरा भी खूब देखने को मिलती है. खास बात यह है कि एक बार सही तरीके से बनाया गया करौंदे का अचार महीनों तक खराब नहीं होता और दाल-रोटी से लेकर पराठे तक हर खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. अगर आप भी इस मानसून घर पर चटपटा और लंबे समय तक चलने वाला अचार बनाना चाहते हैं, तो यह आसान तरीका आपके काम आ सकता है.
लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने बताया कि घर पर करौंदे का स्वादिष्ट अचार बनाना बिल्कुल आसान है. इसके लिए सबसे पहले ताजे करौंदों को अच्छी तरह धोकर कपड़े पर फैला दें ताकि उनमें नमी बिल्कुल न रहे. इसके बाद करौंदों को बीच से काटकर उनके बीज निकाल दें. यदि आपको तीखा स्वाद पसंद है, तो करीब 100 ग्राम हरी मिर्च भी धोकर सुखा लें और उसे लंबे टुकड़ों में काटकर करौंदों के साथ मिला सकते हैं.
सरसों के तेल और मसालों से आएगा असली स्वाद
अचार का असली स्वाद उसके मसालों और तेल में छिपा होता है. इसके लिए 4 से 5 बड़े चम्मच सरसों का तेल कड़ाही में डालकर धुआं निकलने तक गर्म करें. इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को हल्का गुनगुना होने दें. दूसरी ओर एक बर्तन में 2 छोटे चम्मच सौंफ पाउडर, 1 छोटा चम्मच दरदरी पिसी राई, आधा छोटा चम्मच मेथी दाना पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच हींग और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इस मसाले को करौंदों और हरी मिर्च के साथ गुनगुने तेल में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें ताकि हर टुकड़े पर मसालों की परत चढ़ जाए.
लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा अचार
अंजलि चतुर्वेदी बताती हैं कि अगर अचार का स्वाद और शेल्फ लाइफ बढ़ानी है, तो इसमें 1 से 2 छोटे चम्मच सफेद सिरका या नींबू का रस जरूर मिलाएं. इससे अचार जल्दी खराब नहीं होता. तैयार मिश्रण को साफ और पूरी तरह सूखे कांच के मर्तबान में भर दें. ध्यान रखें कि अचार हल्के से तेल में डूबा रहे. इससे उसमें फफूंदी लगने की संभावना काफी कम हो जाती है और स्वाद भी लंबे समय तक बरकरार रहता है.
2–3 दिन बाद मिलेगा असली देसी स्वाद
वैसे तो यह अचार बनते ही खाने के लिए तैयार हो जाता है लेकिन इसका असली खट्टा-तीखा स्वाद 2 से 3 दिन बाद आता है, जब मसाले अच्छी तरह करौंदों में रच-बस जाते हैं. यदि धूप निकल रही हो, तो मर्तबान को 4 से 5 दिन तक रोज कुछ घंटे धूप में रखने से स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. इसके बाद यह अचार दाल-चावल, पराठा, पूरी या सादे खाने के साथ भी बेहतरीन लगता है. मानसून में घर पर तैयार किया गया यह देसी करौंदे का अचार न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि पारंपरिक भारतीय रसोई की उस विरासत को भी जीवित रखता है, जो पीढ़ियों से घर-घर में स्वाद और अपनापन घोलती आ रही है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

