थांदला से टीमरवानी के बीच 80.45 Km लंबा फोरलेन मार्ग बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। मामले में मुआवजे की राशि को लेकर किसान नाराज है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि उनकी जमीन का दाम गलत तय किया गया है। वे चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 3,839 करोड़ रुपए की इस परियोजना में मुआवजा वितरण आखरी चरण में है। यह परियोजना 50 से ज्यादा गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 32 आरा जमीन का मुआवजा 7 लाख रुपए तय परियोजना से प्रभावित टेमरिया गांव के किसान लक्ष्मण भेरूलाल खराण की मुख्य मार्ग पर 32 आरा जमीन है। सरकार ने इसका मुआवजा 7 लाख रुपए तय किया है। लक्ष्मण के मुताबिक, उनके खेत से लगी उनके भाई की जमीन 300 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से करोड़ों रुपए में बिकी है। इसी वजह से वे जमीन के मूल्यांकन पर सवाल उठा रहे हैं। लक्ष्मण के बताया- 72 आरा जमीन में से बाकी 40 बीघा जमीन सड़क के दोनों ओर अलग-अलग हिस्सों में बंट गई है। इससे खेती प्रभावित हो रही है।
फोरलेन के चपेट में 20 बीघा जमीन की सिंचाई करने वाला कुआं किसान रणछोड़ गोबाजी आंजना की कुल 33.5 आरा जमीन का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। फोरलेन उनकी जमीन के बीच से गुजर रहा है। इसके कारण उनका पुराना कुआं भी परियोजना की जद में आ गया है। रणछोड़ के मुताबिक- इस कुएं से करीब 20 बीघा जमीन की सिंचाई होती थी। कुएं के लिए 8 लाख रुपए का मुआवजा तय किया गया है। रणछोड़ का कहना है कि कुआं अधिग्रहण में जाने से उनकी बची जमीन की सिंचाई प्रभावित होगी। इससे खेती करना मुश्किल हो जाएगा। 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण फोरलेन परियोजना 50 से अधिक गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। प्रभावित किसान मुआवजे की राशि को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से तय मुआवजा काफी नहीं है। किसानों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया है। मुआवजे को लेकर असंतुष्ट किसानों ने विरोध तेज करने की बात कही है। किसानों की मांग है की जमीन के मूल्यांकन की समीक्षा की जाए और उन्हें चार गुना मुआवजा मिले।
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थांदला-टीमरवानी फोरलेन योजना में 4 गुना मुआवजे की मांग: किसान बोले- अधिग्रहण से जमीन की सिंचाई प्रभावित; 3,839 करोड़ की परियोजना से 50 गांव प्रभावित – Jhabua News
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