Monday, August 24, 2026
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59 साल की दादी ने दी यंगस्टर्स को टक्कर! जिम की आदत बनाने के बताए 5 हैक्स


रोडीज की कंटेस्टेंस अंशू जैन की उम्र 59 है, लेकिन जब बात फिटनेस की हो तो वह यंगस्टर्स को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर जिम जाने की आदत बनाने के लिए 5 तरीके बताए हैं। 

बढ़ती उम्र में लोग सबसे ज्यादा अपने जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं। ज्यादातर दादी-नानी 50 की उम्र की होते ही तरह-तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करने लगती हैं। लेकिन 59 साल की आशु जैन वैसी दादी नहीं हैं जैसी आम तौर पर लोग कल्पना करते हैं। देहरादून की अंशू तीन बच्चों की मां हैं और फिटनेस के मामले में अच्छे-अच्छे यंगस्टर्स को टक्कर दे सकती हैं। रोडीज सीजन 20 की कंटेस्टेंट रह चुकी अंशू रोजाना जिम जाती हैं और जिम में डेडलिफ्ट करती हैं, ज़ुम्बा करती हैं और एंड्योरेंस रेस में हिस्सा लेती हैं। अंशू अपनी फिटनेस से जुड़ी टिप्स और हेल्दी रेसिपीज के वीडियोज इंस्टाग्राम पर शेयर करती हैं। उन्होंने एक वीडियो में 5 हैक्स बताए हैं जिन्हें अपनाकर उन्हें रोजाना जिम जाने की आदत हुई। जानिए क्या है वह हैक्स जिन्हें आप भी फॉलो कर सकते हैं।

छोटे और आसान लक्ष्य से शुरुआत करें

आशु ने बताया कि जिम जाने की आदत बनाने के लिए छोटे और आसान लक्ष्यों से शुरू करें। छोटी शुरुआत करने से आप जल्दी थकते या परेशान नहीं होते। इसलिए आसानी से पूरे होने वाले लक्ष्यों के साथ छोटी शुरुआत करें। अगर आप मुश्किल गोल सेट करेंगे तो हो सकता है लंबे समय तक पूरा नहीं कर पाएं।

आदतों को ना छोड़ें

अक्सर ऐसा होता है कि खुद को फिट रखने के लिए हं एक नए रूटीन को बनाते हैं लेकिन नए रूटीन में एडजस्ट नहीं हो पाते। इसलिए फिट दादी ने बताया कि वर्कआउट न छोड़ने के लिए, एक्सरसाइज को रोजाना की किसी तय आदत या काम के साथ जोड़ें। उन्होंने बताया कि उनके लिए, सुबह नहाना ट्रिगर है। नहाने के बाद वह हमेशा एक्सरसाइज के कपड़े पहनती हैं।

रोजाना की झिझक को दूर करें

अंशू कहती हैं कि पहले से तैयारी करके सुबह होने वाली झिझक से बचा जा सकता है। आप एक दिन पहले ही वर्कआउट का शेड्यूल और जिम के कपड़े तय कर लें। ऐसा करने से ‘आज क्या करना है’ वाली उलझन से बचा जा सकता है। जब पहले से तैयारी होती है तो बस प्लान को फॉलो करना होता है।

अपनी पहचान पर ध्यान दें

अंशू का मानना है कि कुछ समय के लिए मिलने वाले मोटिवेशन पर निर्भर रहने के बजाय अपनी पहचान पर ध्यान दें। उनका मानना है कि अगर कोई रोज नहाने वाला इंसान है, तो वह नहाएगा ही क्योंकि वह वैसा ही है। बात ऐसे इंसान बनने की है जो लगातार ट्रेनिंग करता है, न कि ऐसे इंसान की जो तैयार महसूस करने का इंतजार करता है।

सख्त नियम हो सकते हैं फेल

लाइफ हर दिन एक जैसी नहीं होती। जब जिंदगी में कुछ अचानक हो जाता है, तो सख्त नियम अक्सर फेल हो जाते हैं। इसलिए नियमों को अपनी लाइफ के हिसाब से बनाएं। अगर यह आपकी लाइफस्टाइल में फिट नहीं बैठता, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा।

टिप- अंशू कहती हैं कि लगातार काम करते रहने की आदत सब कुछ एकदम सही तरीके से करने से नहीं आती। यह काम को बार-बार दोहराने से आती है और दोहराना तभी मुमकिन है जब काम आसानी से किया जा सके। इसलिए काम को ‘आसानी से करने लायक’ बनाना ही मंत्र है जो उनके काम आया।



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