अशोकनगर जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को बंदियों की बहनों के लिए विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल प्रशासन के निर्देशानुसार, बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक दिखे। जेल में कुल 215 कैदी हैं, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ललित सिंह दीक्षित ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही प्रत्यक्ष मुलाकात की अनुमति दी गई थी। मुलाकात का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया था। प्रत्येक बंदी को राखी बंधवाने और प्रसाद ग्रहण करने के लिए 10 मिनट का समय दिया गया। जेल प्रशासन ने पूजा की थाली उपलब्ध करवाई
पुरुष बंदियों से राखी बंधवाने के लिए परिवार की अधिकतम तीन महिला सदस्यों और उनके साथ आने वाले 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश की अनुमति थी। महिलाओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र की मूल प्रति और एक छायाप्रति साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से राखी बांधने के लिए पूजा की थाली में हल्दी, कुमकुम और चावल की व्यवस्था की गई थी। बहनें अपने साथ 250 ग्राम तक मिठाई और दो नग मौसमी फल भी ले जा सकीं। सुरक्षा के मद्देनजर, मोबाइल, पैसे, हथियार और नशीले पदार्थ सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को जेल परिसर में ले जाने पर रोक थी। महिला जेलकर्मियों द्वारा तलाशी के बाद ही आगंतुकों को प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर जेल में भाई-बहन के रिश्ते की झलक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें जल्द सामान्य जीवन में लौटने और बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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अशोकनगर जेल में बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें: खुली मुलाकात में हर बंदी को 10 मिनट, 250 ग्राम मिठाई की भी अनुमति – Ashoknagar News
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