प्रदेश की 23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में काम कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों (जीआरएस) के संविदा एग्रीमेंट को लेकर मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने व्यवस्था में बदलाव किया है। अब जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव का पद रिक्त है, सचिव पदस्थ नहीं हैं या ग्राम रोजगार सहायक को ही सचिव का प्रभार मिला हुआ है, वहां जीआरएस का एग्रीमेंट जनपद पंचायत स्तर पर पदस्थ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (APO) मनरेगा के साथ किया जाएगा। परिषद के सीईओ ने 1 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी जिलों के कलेक्टर, जिला कार्यक्रम समन्वयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नए प्रावधान का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुद के साथ एग्रीमेंट की स्थिति बनी सामान्य स्थिति में ग्राम रोजगार सहायक का संविदा अनुबंध ग्राम पंचायत सचिव और जीआरएस के बीच होता है। लेकिन कई पंचायतों में सचिव का पद रिक्त होने या सचिव के उपलब्ध नहीं होने के कारण जीआरएस को ही सचिव का प्रभार दिया गया है। ऐसी स्थिति में वही कर्मचारी अपने ही साथ संविदा अनुबंध करने की प्रक्रिया में आ रहे थे। परिषद के संज्ञान में ऐसी शिकायतें आने के बाद इस विसंगति को दूर करने के लिए नया प्रावधान किया गया है। परिषद ने माना कि स्वयं के साथ संविदा अनुबंध करना प्रशासनिक और विधिक दृष्टि से उचित नहीं है। अब APO करेगा अनुबंध नए प्रावधान के मुताबिक पंचायत में सचिव उपलब्ध होने पर एग्रीमेंट पहले की तरह सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के बीच ही होगा। वहीं सचिव का पद रिक्त होने, सचिव पदस्थ नहीं होने या जीआरएस के ही सचिव के प्रभार में होने पर अनुबंध जनपद पंचायत के संबंधित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (APO) मनरेगा द्वारा किया जाएगा। यदि जनपद पंचायत में भी APO का पद रिक्त है तो प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी एग्रीमेंट की कार्रवाई पूरी करेंगे। इस व्यवस्था से सचिव विहीन पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों के नए अनुबंध और नवीनीकरण की प्रक्रिया आसान होगी, साथ ही खुद के साथ एग्रीमेंट करने की स्थिति भी खत्म हो जाएगी।
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ग्राम रोजगार सहायकों के एग्रीमेंट में बदलाव: सचिव नहीं तो APO करेगा एग्रीमेंट: खुद के साथ नहीं कर सकेंगे अनुबंध – Bhopal News
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