आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के साथ वायर्स और केबल्स बाजार में शानदार एंट्री की है. कंपनी ने इस नए बिजनेस में 1,800 करोड़ रुपये का बड़ा इन्वेस्टमेंट किया है. ग्रुप का लक्ष्य अगले पांच सालों के अंदर देश की टॉप दो कंपनियों में शामिल होना है. अपनी शुरुआत के साथ ही क्षमता के मामले में अल्ट्रावोल्ट दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.
अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत इसे शुरू किया गया है. अब तक अल्ट्राटेक केवल सीमेंट और कंक्रीट के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह घर की वायरिंग का भी ख्याल रखेगी. यह कदम कंपनी की ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है. इसके साथ ही, पिछले सिर्फ तीन सालों में आदित्य बिड़ला ग्रुप का यह चौथा नया बिजनेस है.
फ्यूचर देखकर उठाया कदम
ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि भारत के विकास में वायर्स और केबल्स की भूमिका बहुत अहम होने वाली है. देश की अर्थव्यवस्था इस समय शहरीकरण, विद्युतीकरण और डिजिटलीकरण जैसे तीन बड़े बदलावों से गुजर रही है. इन तीनों ही क्षेत्रों में तारों और केबल्स की जरूरत सबसे ज्यादा होती है. इसी मांग को पूरा करने के लिए ग्रुप ने यह बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है.
आने वाले दशक में देश भर में लगभग दस करोड़ से अधिक नए घर बनने की उम्मीद है. इसके अलावा, पूरे भारत में तेजी से नए डेटा सेंटर्स खुल रहे हैं और ऊर्जा का बुनियादी ढांचा भी तेजी से फैल रहा है. इन सभी जगहों पर बिजली और डेटा के लिए हाई-क्वालिटी केबल्स की जरूरत होगी. इसी भारी डिमांड को देखते हुए यह नया ब्रांड बाजार में उतारा गया है.
पूरे भारत में उतरने का प्लान
अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ ने बताया कि कंपनी किसी एक इलाके में अपनी किस्मत आजमाने के बजाय सीधे पूरे भारत में उतर रही है. ब्रांड को एक साथ देश के 500 से अधिक जिलों और 6,000 से ज्यादा पिन कोड तक पहुंचाया जाएगा. इस आक्रामक शुरुआत से पता चलता है कि कंपनी बाजार में अपनी जगह पक्की करने और तेजी से आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी का प्लान एक लाख से अधिक रिटेलर्स तक अपनी सीधी पहुंच बनाना है. इसके साथ ही, देश भर में मौजूद 5,000 से ज्यादा ‘अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ (UBS) आउटलेट्स के जरिए भी ग्राहकों तक सामान पहुंचाया जाएगा. 20 से अधिक बड़े वेयरहाउस और ठेकेदारों से अल्ट्राटेक के पुराने रिश्तों का फायदा भी कंपनी को तेजी से आगे बढ़ने में काफी मदद करेगा.
अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन का कहना है कि तार किसी भी घर की लाइफलाइन होते हैं, लेकिन अक्सर लोग इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. कंपनी ग्राहकों की इसी सोच को बदलना चाहती है. उनका मुख्य फोकस ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उनके हिसाब से प्रोडक्ट तैयार करना है. कंपनी ने सुरक्षा, बेहतरीन परफॉर्मेंस और भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर अपने तार और केबल्स बनाए हैं.
सामान्य घर से लेकर कमर्शियल हाउसिंग पर फोकस
फिलहाल कंपनी ने घर, कमर्शियल इस्तेमाल, उद्योगों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए डिजाइन किए गए बेहतरीन वायर्स और केबल्स का पोर्टफोलियो बाजार में लॉन्च किया है. ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी और सर्विस देना कंपनी का सबसे बड़ा मकसद है. आगे चलकर अल्ट्रावोल्ट का प्लान कई अन्य तरह की इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज बनाने का भी है, जिससे वे ग्राहकों को घर बनाने का एक पूरा और सुरक्षित पैकेज दे सकें.

