शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान जिला शाखा टोंक का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन आचार संहिता का पालन करते हुए स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, टोडारायसिंह में आयोजित हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ जिलाध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप जाट, प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद टाण्डी एवं व्याख्याता प्रदीप टाण्डी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में उपाध्यक्ष प्रधान चौपड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रत्तिराम जांगिड़, कनिष्ठ सहायक बद्रीलाल कुम्हार, प्रयोगशाला सहायक प्रतिनिधि शिवजीराम बलोदा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को संगठन के सामने रखा गया। तबादले और पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग जिलाध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप ने बताया- सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को विभाग के उच्च अधिकारियों एवं राज्य सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को लेकर संगठन लगातार प्रयासरत है। शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने, बकाया छह सत्रों की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने और विभिन्न संवर्गों की लंबित डीपीसी एवं पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र संपन्न करवाने की मांग की। साथ ही पदोन्नत हुए व्याख्याताओं के भी तबादले करने की मांग रखी गई। पे-प्रोटेक्शन आदेश वापस लेने की मांग सम्मेलन में पे-प्रोटेक्शन संबंधी आदेश प्रत्याहारित करने और शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई। शिक्षकों ने बीएड इंटर्नशिप के दौरान की जाने वाली वेतन कटौती के आदेश निरस्त करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा उपार्जित अवकाश सहित सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के सभी भुगतान समय पर करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त परिवहन भत्ता देने की मांग की गई। रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरने पर जोर शिक्षकों ने शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की। साथ ही प्राचार्य एवं डीईओ के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई। नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत करने की भी मांग की गई। जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए बजट की मांग सम्मेलन में जमींदोज विद्यालयों एवं कक्षा-कक्षों के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त बजट जारी करने की मांग की गई। विद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए अलग से पद सृजित करने तथा मॉडल स्कूल के जिन कार्मिकों का 5 साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, उन्हें तुरंत रिलीव करने की मांग भी शिक्षकों ने रखी।
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