गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के दहींभत्ता गांव निवासी 32 वर्षीय सिविल इंजीनियर दीपक ठाकुर की असम के नवगांव में गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना 16 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने 17 सितंबर की सुबह तालाब से उनका शव बरामद किया। तीन दिन बाद शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान पिता रामप्रीत ठाकुर ने बेटे को मुखाग्नि दी। दीपक ठाकुर पिछले करीब तीन साल से असम के नवगांव जिले में नवहट्टा कंपनी में सिविल इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थे। वह कंपनी परिसर में ही रहते थे। उनके पिता, भाई और चचेरे भाई भी असम में रहकर सैलून चलाते थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रात में कमरे पर नहीं पहुंचे, साथी ने दी सूचना परिजनों के अनुसार, 16 सितंबर की रात दीपक अपने कमरे पर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके साथी ने उनके पिता को इसकी जानकारी दी। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका। तालाब के पास मिली चप्पल, फिर तलाश शुरू 17 सितंबर की सुबह दीपक की चप्पल उनके कमरे से करीब 100 मीटर दूर तालाब के पास मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तालाब में तलाशी अभियान चलाया, जहां से दीपक का शव बरामद किया गया। गले पर धारदार हथियार के निशान शव के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि दीपक की गला रेतकर हत्या की गई और शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया गया। हत्या की वजह और वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। छह महीने पहले ही हुई थी शादी दीपक की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद मार्च में वह काम के सिलसिले में असम चले गए थे। शादी के महज छह महीने बाद ही उनकी हत्या की खबर ने पत्नी और परिवार को तोड़ दिया। पत्नी ने की हत्यारों को फांसी देने की मांग दीपक की पत्नी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम सरकार से हत्याकांड की जांच कर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है। विधायक सुबास सिंह ने परिवार से की मुलाकात घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक सुबास सिंह भी दहींभत्ता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग दीपक का शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। परिवार ने पुलिस और सरकार से जल्द से जल्द हत्यारों की पहचान कर गिरफ्तारी करने की मांग की है।
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