Monday, September 28, 2026
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अंडरग्राउंड मेट्रो के विरोध में सड़क पर उतरे रहवासी: बंगाली चौराहे पर एक दीया उम्मीद का जलाया, कैंडल मार्च निकाला, बोले- रातों की नींद उड़ गई – Indore News




इंदौर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के बीच प्रस्तावित भूमिगत रूट को लेकर तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी और आसपास के रहवासियों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार रात को बड़ी संख्या में रहवासी बंगाली चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने एक दिया उम्मीद का जलाया और कैंडल मार्च निकालकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। विरोध के दौरान टेंडर की कॉपी फाड़कर नारेबाजी भी की गई। रहवासियों ने कहा कि उनका विरोध मेट्रो परियोजना से नहीं है। वे चाहते हैं कि घनी आबादी, पुराने मकानों और बड़ी संख्या में बोरिंग वाले इलाकों के नीचे से प्रस्तावित सुरंग के बजाय दूसरे संभावित रूट का भी तकनीकी अध्ययन कराया जाए। प्रदर्शन रात 9 बजे शुरू हुआ और 10.30 बजे तक जारी रहा। अभियान चलाकर लोगों को बताया प्रस्तावित रूट
रहवासी सीए मनीष जैन, राजेश अग्रवाल और राजीव जैन ने बताया कि इलाके के कई लोगों को प्रस्तावित भूमिगत रूट की पूरी जानकारी नहीं थी। अभियान के दौरान लोगों को रूट और इससे जुड़े संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके बाद रहवासियों से उनकी आपत्तियां और सुझाव भी दर्ज किए गए। प्रदर्शन के दौरान विपुल जैन, विकास मिश्रा, राजेश जैन सहित महिलाएं भी शामिल रही। हमारी रातों की नींद उड़ गई
रहवासियों ने बताया कि हमारी रातों की नींद उड़ गई है, जबसे हमें पता चला है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निकलने वाली है। तिलक नगर और आसपास के क्षेत्रों में कई परिवार घरेलू जरूरतों के लिए बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं। रहवासियों ने आशंका जताई है कि टनल बोरिंग मशीन से भूमिगत निर्माण के दौरान स्थानीय जलस्रोतों और मौजूदा बोरिंग पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में बोरिंग प्रभावित हुए तो आने वाले समय में इलाके में जलसंकट की स्थिति पैदा हो सकती है। 50-60 साल पुराने मकानों की सुरक्षा का मुद्दा
विरोध कर रहे लोगों के मुताबिक इलाके में बड़ी संख्या में मकान 50 से 60 वर्ष पुराने हैं। ऐसे में रहवासियों का सवाल है कि भूमिगत निर्माण के दौरान जमीन में होने वाले बदलाव और कंपन का इन पुराने भवनों की नींव पर क्या असर पड़ेगा।
तिलक नगर के रहवासी सीए मनीष जैन हमने उम्मीद का एक दिया जलाकर प्रशासन को बताया है कि हमारी उम्मीद अभी भी जारी है। रहवासी क्षेत्र से मेट्रो निकलेगी तो सभी की समस्या बढ़ जाएगी। पुराने मकान के टूटने का खतरा होगा। लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
गोयल नगर के रहवासी राजेश अग्रवाल ने बताया कि शासन, प्रशासन, मेट्रो प्रबंधन और जनप्रतिनिधि जब तक हमें लिखित में आश्वासन नहीं देंगे, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हमने कोर्ट में भी याचिका लगा दी है। हमारे साथ धोखा हुआ है, इन्होंने बिना जानकारी देते हुए टेंडर बदला है। जेन जी भी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी में
रहवासी अंकित दुबे ने कहा कि इस आंदोलन में अब जेन जी (Gen Z) भी जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही युवाओं की ओर से भूमिगत मेट्रो के प्रस्तावित रूट को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।आने वाले दिनों में अभियान को और व्यापक किया जाएगा और क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। हमारे बोरिंग खत्म हो जाएंगे
गोयल नगर की रहवासी स्मिता ने बताया कि हमारे बोरिंग खत्म हो जाएंगे। हमारे मकानों में दरार आने की आशंका है। हम हमारे घर के नीचे से मेट्रो नहीं निकलने देंगे। एडवोकेट सपना ने बताया कि रहवासी क्षेत्र से अंडरग्राउंड निकल रही है। पहले यहां से एलिटिवेटेड मेट्रो निकलने वाली थी, लेकिन इन्होंने योजना में बदलाव कर दिया। छह हजार से अधिक मकान है, अंडरग्राउंड मेट्रो से सभी प्रभावित होंगे। रहवासियों की प्रमुख मांगें



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