Friday, October 9, 2026
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सीवान-गंगा आरती में शामिल हुए डीएम: काशी की तर्ज पर पुलवा घाट पर हुई भव्य गंगा आरती, स्वच्छता का दिया संदेश – Siwan News




सीवान में नमामि गंगे और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत शुक्रवार की संध्या सीवान की बाण गंगा नदी के तट पर श्रीराम मंदिर के समीप पुलवा घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। काशी की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, सुमधुर संगीत और पारंपरिक पूजा-अर्चना के बीच पूरा घाट आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा। हालांकि, भव्य आयोजन के बीच जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के आरती के दौरान कुर्सी पर बैठे रहने की स्थिति भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। आरती के दौरान कुर्सी पर बैठे रहे डीएम और अधिकारी सनातन परंपरा में आरती के दौरान श्रद्धालुओं के खड़े होकर इसमें शामिल होने की परंपरा के बीच जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा पूरे कार्यक्रम के दौरान कुर्सी पर बैठे नजर आए। उनके बैठे रहने के कारण अन्य अधिकारी और वीवीआईपी अतिथि भी अपनी कुर्सियों पर बैठे रहे। नदी संरक्षण और धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में अधिकारियों की स्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का उद्देश्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दाहा नदी के प्रति लोगों में श्रद्धाभाव जगाना, नदी के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और उप विकास आयुक्त अमिताभ सिंह शामिल हुए। डीपीओ पूजा कुमारी और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता ने उनका स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई नदी की आरती इसके बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व में बाण गंगा (दाहा) नदी का पूजन-अर्चन किया गया। काशी से आए पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और मधुर संगीत के बीच विधि-विधान से आरती की। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आरती के भव्य दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नदी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को सामने रखा। नदी हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक-डीएम अपने संबोधन में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि संध्या आरती का दृश्य अद्भुत था। ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि लोगों में नदी के प्रति श्रद्धाभाव बढ़े और उसके संरक्षण को लेकर जागरूकता विकसित हो। उन्होंने कहा कि नदी केवल जल की धारा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक होने के साथ जीवन का आधार भी है। दाहा नदी को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास और सभी लोगों की सहभागिता जरूरी है। पुजारियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित आरती के समापन के बाद जिलाधिकारी ने काशी से आए पुजारियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। हालांकि, धार्मिक आयोजन के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के कुर्सियों पर बैठे रहने का पहलू भी चर्चा में रहा। इस तरह नदी संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम में अधिकारियों के आचरण को लेकर भी लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।



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