Tuesday, October 13, 2026
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पीयूष गोयल बोले- कांग्रेस चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल-मंत्री बनाती थी: CEC रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत नहीं; राहुल से 10 सवाल किए


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48 मिनट पहले

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर अपने शासन के दौरान चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत नहीं थी।

गोयल ने कांग्रेस के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव अधिकारियों को बाद में राजनीतिक पद दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, लेकिन जीतने पर चुनाव प्रक्रिया को सही बताती है।

गोयल ने राहुल गांधी से 10 सवाल करते हुए उन्हें वोट चोरी के आरोपों के सबूत देने और चुनाव आयोग के सामने हलफनामा दाखिल करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा- पिछले कुछ दिनों से हम राहुल गांधी का व्यवहार, उनके दोहरे मापदंड और बचकानी हरकतें देख रहे हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, लेकिन अपना पुराना रिकॉर्ड भूल जाती है।

राहुल गांधी से पीयूष गोयल के 10 सवाल

1. वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा क्यों नहीं दिया?

राहुल गांधी हर दिन वोट चोरी की बात करते हैं। चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं और उसके लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने चुनाव आयोग के सामने एक भी हलफनामा दाखिल नहीं किया। अगर उनके पास सबूत हैं, तो उन्हें सामने रखें और शपथ लेकर अपने आरोपों की पुष्टि करें।

2. बिहार में SIR के दौरान चुप क्यों रहे?

अगर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) इतनी बड़ी समस्या थी, तो बिहार में इसके दौरान राहुल गांधी चुप क्यों रहे? उन्होंने तब आवाज क्यों नहीं उठाई? तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस ने नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक भी दावा क्यों दाखिल नहीं किया? उस समय कांग्रेस कहां थी?

3. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल क्यों?

पहले सरकार ही चुनाव आयुक्तों को नियुक्त करती थी। किसी से सलाह या चर्चा नहीं होती थी। सरकार जिसे चाहती थी, उसे चुनाव आयुक्त या मुख्य चुनाव आयुक्त बना देती थी। 2023 में पीएम मोदी की सरकार एक नया कानून लेकर आई। इसके तहत चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष को भी सदस्य बनाया गया। अब प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष मिलकर तय करते हैं कि कौन चुनाव आयुक्त और कौन मुख्य चुनाव आयुक्त बनेगा।

4. कांग्रेस नेताओं ने SIR की तारीफ क्यों की?

अगर कांग्रेस को सच में लगता है कि SIR में गड़बड़ी हुई है, तो वह जीतने पर यह कैसे कह सकती है कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है और चुनाव बिल्कुल सही हुए हैं, लेकिन हारने पर कहती है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है?

शशि थरूर, रमेश चेन्निथला और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने SIR को लेकर बयान दिए। अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव ठीक और निष्पक्ष तरीके से कराए गए। बार-बार झूठ बोलकर कांग्रेस कभी जनता का भरोसा नहीं जीत सकती। राहुल गांधी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग हैं।

5. टीकाराम मीणा को कांग्रेस की समिति में जगह क्यों मिली?

केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी टीकाराम मीणा को बाद में राजस्थान में कांग्रेस की घोषणापत्र समिति में शामिल किया गया और पार्टी का सदस्य बनाया गया।

6. रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव क्यों बनाया गया?

रतन यू. केलकर केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे। मई 2026 के चुनाव के एक महीने के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव नियुक्त कर दिया गया। क्या यह राजनीतिक लेन-देन नहीं है? क्या यह संदेश नहीं है कि चुनाव में हमारी मदद करो और हम तुम्हें पद दे देंगे?

7. CEC रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत थी?

एमएस गिल 1996 से 2001 तक पांच साल मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। साल 2000 में, जब वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर थे, तब उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया। क्या यह उन्हें प्रलोभन देना नहीं था? क्या यह एक तरह की रिश्वत नहीं थी?

8. ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस का रुख क्या है?

राहुल और उनके साथी ममता बनर्जी को गालियां देते हैं और उनके खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। वे आरोप लगाते हैं कि ममता बनर्जी की कथित गलतियों और गड़बड़ियों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता खोल दिया।

9. आरके त्रिवेदी को राज्यपाल और टीएन शेषन को टिकट क्यों दिया गया?

आरके त्रिवेदी का मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यकाल 31 दिसंबर 1985 को समाप्त हुआ। 26 फरवरी 1986 को राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने उन्हें गुजरात का राज्यपाल नियुक्त कर दिया।

कांग्रेस टीएन शेषन की ईमानदारी और निडरता की तारीफ करती थी, लेकिन 1999 में पार्टी ने उन्हें लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया। क्या यह उन्हें पुरस्कृत करने जैसा नहीं था?

10. नवीन चावला की नियुक्ति को लेकर सवाल क्यों उठे?

2005 के अखबारों और टीवी फुटेज में कहा गया था कि सोनिया गांधी ने नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया। सोनिया गांधी के पास कोई सरकारी पद नहीं था, तो वह किस हैसियत से तय कर रही थीं कि किसे कौन-सा पद दिया जाए?

एक मुख्य चुनाव आयुक्त ने शिकायत की थी कि उनके अधीन काम करने वाला चुनाव आयुक्त कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने उसे नहीं हटाया।

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