पाली. सर्दियों का मौसम हो और थाली में गरमा-गरम बाजरे की रोटी के साथ सिलबट्टे पर पिसी काछर की चटनी मिल जाए, तो देसी खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. मारवाड़ के घरों में यह पारंपरिक जायका सर्दियों की खास पहचान है, मक्खन या देसी घी से चुपड़ी बाजरे की रोटी और लहसुन-मिर्च के तीखेपन वाली काछर की चटनी का स्वाद ऐसा होता है कि खाने वाले उंगलियां चाटते रह जाते हैं.
खास बात यह है कि इस चटनी को बनाने के लिए न किसी खास मशीन की जरूरत है और न ही ज्यादा सामग्री की. सिलबट्टे पर पिसे मसालों की सोंधी खुशबू और काछर का खट्टा-चटपटा स्वाद इसे खास बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का पारंपरिक देसी तरीका.
काछर की चटनी बनाने के लिए सामग्री
इस चटनी को बनाने के लिए 4-5 काछर, 5-6 भीगी हुई साबुत लाल मिर्च, 10-12 लहसुन की कलियां, एक छोटा चम्मच साबुत जीरा और स्वादानुसार नमक लें. चाहें तो चटनी में तड़का लगाने के लिए एक बड़ा चम्मच देसी घी या सरसों का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
सिलबट्टे पर ऐसे तैयार करें चटपटी चटनी
सबसे पहले काछर को अच्छी तरह धोकर छील लें और छोटे टुकड़ों में काट लें. इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा चख लें, ताकि कड़वी काछर चटनी का स्वाद खराब न करे. अब सिलबट्टे पर भीगी हुई लाल मिर्च, लहसुन, जीरा और नमक डालकर दरदरा पीस लें.
जब मसालों का पेस्ट तैयार हो जाए, तो इसमें कटे हुए काछर डालें और हल्के हाथों से पीसें. ध्यान रखें कि चटनी को बहुत ज्यादा बारीक न पीसें, इसका असली स्वाद दरदरेपन और ताजे मसालों में ही आता है. अगर आप चटनी में तड़का लगाना चाहते हैं, तो कढ़ाई में थोड़ा देसी घी या सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा और हींग डालकर चटनी मिलाएं और धीमी आंच पर करीब दो मिनट भून लें. हालांकि, पारंपरिक कच्चा स्वाद पसंद करने वाले इसे बिना तड़के के भी खा सकते हैं.
ऐसे बनाएं नरम और स्वादिष्ट बाजरे की रोटी
बाजरे की रोटी बनाने के लिए एक परात में बाजरे का आटा लें, इसमें चुटकी भर नमक और थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालकर आटे को अच्छी तरह मसलते हुए गूंध लें. अब छोटी लोई बनाकर हथेलियों से थपकी देते हुए गोल रोटी तैयार करें. गर्म तवे पर रोटी को दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंकें. जरूरत के अनुसार धीमी से मध्यम आंच रखें, ताकि रोटी अंदर तक पक जाए. तैयार रोटी पर देसी घी या मक्खन लगाएं और सिलबट्टे पर पिसी काछर की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें. सर्दियों में यह पारंपरिक मारवाड़ी भोजन स्वाद के साथ हमारी रसोई की पुरानी परंपराओं की याद भी दिलाता है. अगर आप देसी जायके के शौकीन हैं, तो बाजरे की रोटी और काछर की चटनी का यह मेल जरूर आजमाएं.

