Friday, October 23, 2026
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100 करोड़ की जमीन पर 45 मकान तोड़ने पहुंचा अमला: ग्वालियर में कार्रवाई का विरोध; लोग बोले- बच्चों के साथ बुलडोजर के नीचे लेट जाएंगे – Gwalior News




ग्वालियर शहर के वार्ड-38 स्थित बेलदार का पुरा इलाके में शुक्रवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ प्रशासनिक अमला करीब 45 मकानों को तोड़ने पहुंचा। करीब 100 करोड़ रुपए कीमत की बताई जा रही इस जमीन पर कार्रवाई की सूचना मिलते ही रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के सामने रजिस्ट्री, नगर निगम के टैक्स की रसीदें, नामांकन और बैंक फाइनेंस से जुड़े दस्तावेज पेश किए। कार्रवाई के विरोध में रहवासी सड़क पर उतर आए और प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोगों का कहना है कि उन्होंने सालों पहले जमीन खरीदकर मकान बनाए और नियमित रूप से टैक्स व बिजली के बिल भी भरे हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन शासकीय है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ‘मकान टूटा तो बच्चों के साथ बुलडोजर के नीचे लेट जाएंगे’ प्रिया सेन, स्थानीय निवासी: उन्होंने बताया कि 15 साल पहले जमीन खरीदकर मकान बनाया था। बिजली बिल और संपत्ति कर नियमित रूप से भरने के बावजूद उन्हें मकान टूटने का डर सता रहा है। उनका कहना है कि पिछले 3-4 महीनों से वे मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मकान तोड़ने की कार्रवाई हुई तो वे बच्चों के साथ बुलडोजर के नीचे लेट जाएंगी। धर्मेंद्र पाल: उन्होंने कहा कि उनके पास मकान की पक्की रजिस्ट्री है, जिस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। उनका सवाल है कि यदि जमीन शासकीय थी, तो उसकी रजिस्ट्री कैसे हुई? विमला पाल, बुजुर्ग निवासी: उन्होंने बताया कि अपनी मेहनत की कमाई से मकान खरीदा है और उनके पास रजिस्ट्री व नामांकन के दस्तावेज हैं। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि इस उम्र में वे अपना घर छोड़कर कहां जाएंगी। एसडीएम बोले- जमीन शासकीय, मामला कोर्ट में विचाराधीन मौके पर पहुंचे एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव ने बताया कि खसरा क्रमांक 1887, 89 और 90 की जमीन शासकीय है। उनके अनुसार, पूर्व में भी जमीन के शासकीय होने की पुष्टि हुई थी, लेकिन पूर्व भू-स्वामियों ने इसे बेच दिया और लोगों ने यहां मकान बना लिए। इस मामले में पूर्व भू-स्वामियों ने कोर्ट से स्टे लिया है, जिस पर फिलहाल सुनवाई जारी है। एसडीएम ने बताया कि संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए हैं। जमीन बेचने वाले पूर्व भू-स्वामियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल, प्रशासनिक अमला रहवासियों से उनके दस्तावेज लेने के बाद लौट गया। हालांकि, मकानों पर कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव बना रहा और लोग अपने आशियाने बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाते रहे।



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