Wednesday, October 28, 2026
Homeराज्यउत्तरप्रदेशसाइबर ठगी के मामले में भोपाल से तीन और गिरफ्तार: अब...

साइबर ठगी के मामले में भोपाल से तीन और गिरफ्तार: अब तक आठ आरोपी पकड़े गए; ट्रस्ट के खाते में आए 2.37 करोड़ रुपए – Sonbhadra News




सोनभद्र में सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से खुले बैंक खाते के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में दुद्धी पुलिस और सर्विलांस टीम ने मध्य प्रदेश के भोपाल से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से हुंडई अमेज कार बरामद की गई है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, जांच में 10 राज्यों से जुड़ी 33 शिकायतें और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय कुमार पांडेय, राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति के रूप में हुई है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम ने 25 अक्टूबर को भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र स्थित सी-सेक्टर तिराहे के पास दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाए जाने के बाद 28 अक्टूबर को उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई। इससे पहले 25 अक्टूबर को तीन और 26 अक्टूबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
35 शिकायतों से शुरू हुई जांच एडिशनल एसपी के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को समन्वय पोर्टल के जरिए सूचना मिली कि रेनुकूट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से खुले खाते से साइबर ठगी से जुड़ी करीब 35 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें लगभग 11.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी मिली। जांच में ट्रस्ट के खाते में करीब 2.37 करोड़ रुपये आने का पता चला। खाते में चार करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन भी मिला। इसके बाद दुद्धी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस का आरोप है कि ट्रस्ट के संचालक हरिकेश पांडेय उर्फ ऋषिकेश पांडेय ने बैंक खाता खुलवाकर उसका नंबर और एटीएम कार्ड मध्य प्रदेश के कुछ लोगों को उपलब्ध कराया था। इसके बदले ट्रस्ट के अध्यक्ष को ठगी की रकम का 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था, जबकि बाकी रकम आपस में बांट ली जाती थी। चार दिन में चार करोड़ से ज्यादा का लेनदेन जांच में सामने आया कि ट्रस्ट का खाता फरवरी में खोला गया था। 13 से 16 मार्च के बीच महज चार दिनों में इससे चार करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। रकम आरटीजीएस और पेमेंट गेटवे के जरिए 150 से अधिक बैंक खातों में भेजी गई। पुलिस ने करीब नौ लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई है। पीड़ितों से संपर्क कर जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। एडिशनल एसपी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य शेयर बाजार और निवेश ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ते थे। विदेशी निवेश कंपनियों के नाम पर बनाए गए समूहों के जरिए निवेश कराया जाता था। इसके बाद ठगी की रकम ट्रस्ट और अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी, ताकि गिरोह के मुख्य सदस्यों तक पहुंचना मुश्किल हो।
गरीब लोगों के दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य गरीब लोगों को वेतन और अन्य लाभ का लालच देकर उनके पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे। उन्हें ट्रस्ट में निदेशक बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। सत्य सनातन ट्रस्ट के अलावा धर्मोदय फाउंडेशन, बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी और अन्य संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है। एडिशनल एसपी ने बताया कि ट्रस्ट का सालाना कारोबार 20 से 100 करोड़ रुपये तक दर्शाया गया था, ताकि बैंक खातों में होने वाले बड़े लेनदेन सामान्य लगें। इस मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
तीनों आरोपियों की अलग-अलग कारोबारी गतिविधियां पुलिस के अनुसार, जय कुमार पांडेय भोपाल में महादेव हॉस्टल के नाम से सात हॉस्टल संचालित करता है और रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ा है। राजेश पोद्दार का सिंगरौली में होटल होने की जानकारी मिली है। वहीं, बब्बू प्रसाद प्रजापति निजी शिक्षक है और कॉलेजों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाने का काम करता है। पुलिस का दावा है कि तीनों साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु समेत 10 राज्यों से 33 शिकायतें सामने आई हैं। अब तक अलग-अलग राज्यों में सात एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। सत्य सनातन ट्रस्ट के अलावा चार-पांच अन्य ट्रस्ट भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस को आशंका है कि नेटवर्क में और लोग शामिल हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। मामले में दुद्धी थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments