पश्चिम चंपारण के उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय मदद की जानकारी देने के लिए गुरुवार को गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को नए विचारों के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर तलाशने चाहिए। जिले में रोजगार के नए अवसर बनाने की कोशिश कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के स्टार्टअप सेल ने किया। इसका उद्देश्य स्टार्टअप संचालकों और नवाचारकर्ताओं को बैंकिंग सुविधाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय मदद से जोड़ना था। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। प्राचार्य डॉ. सुबोध कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्टार्टअप की सफलता के लिए बेहतर विचार, स्पष्ट कार्ययोजना, दृढ़ विश्वास और लगातार मेहनत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय मदद से स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी जिला प्रशासन की कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र उद्यमियों तक पहुंचे और जिले में रोजगार के नए अवसर बनें। उन्होंने बताया कि हर जिले में जिला उद्योग केंद्र के तहत एमएसएमई केंद्र बनाए गए हैं। यहां उद्यमियों को उद्योग विभाग की योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रोहित राज, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक कामेश्वर सिंह, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक राजेंद्र कुमार पांडेय और एक्सिस बैंक के क्लस्टर हेड बिनोद कुमार ने भी हिस्सा लिया। बैंकिंग संपर्क स्थापित करने पर जोर कार्यक्रम में स्टार्टअप बिहार की योजनाओं, बैंक ऋण, क्रेडिट गारंटी योजना, ऋण की पात्रता और जरूरी दस्तावेजों पर चर्चा हुई। रेजरपे के ऑनलाइन सत्र में डिजिटल भुगतान और व्यावसायिक वित्तीय सेवाओं की जानकारी दी गई। सफल स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्यमियों और बैंक अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत बैठकें भी हुईं। इनमें उद्यमियों की वित्तीय जरूरतों के मुताबिक बैंकिंग संपर्क स्थापित करने पर जोर दिया गया।
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