Friday, October 30, 2026
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जबलपुर में 14 कार्बाइड गन जब्त, दो अरेस्ट: बघराजी में बना रहे थे, मदन महल की दुकान से 45 किलो कार्बाइड मिला – Jabalpur News




जबलपुर के बघराजी गांव में कार्बाइड गन बनाने की सूचना पर क्राइम ब्रांच और कुंडम थाना पुलिस ने गुरुवार रात दो जगह छापा मारा। दशरथ बड़गैया (56) के पास से 10 कार्बाइड गन, 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री मिली। वहीं, चित्रांश साहू (29) के घर से 4 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में आरोपियों ने मदन महल स्थित लाठिया ट्रेडर्स से कैल्शियम कार्बाइड खरीदने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने दुकान पर छापा मारकर 45 किलो कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार रात क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि कुंडम थाना क्षेत्र के बघराजी गांव में कार्बाइड गन बनाई जा रही हैं और वहां बड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड रखा है। सूचना पर क्राइम ब्रांच और कुंडम थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापा मारा। पहली जगह दशरथ बड़गैया (56) के पास से 10 कार्बाइड गन, करीब 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री जब्त की गई। दूसरी जगह चित्रांश साहू (29) के घर पर छापा मारा गया, जहां वह गन बनाते मिला। उसके पास से 4 कार्बाइड गन बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मदन महल स्थित लाठिया ट्रेडर्स के मालिक विजय साहू की दुकान से कैल्शियम कार्बाइड खरीदा था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मदन महल पुलिस के साथ दुकान पर छापा मारकर 45 किलो कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी संपत उपाध्याय ने हाल ही में नागरिकों, खासकर युवाओं और बच्चों से दीपावली पर कार्बाइड गन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की थी। प्रशासन ने इनके इस्तेमाल, बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया है। कार्बाइड गन क्यों खतरनाक है? आंखों में चोट: धमाके और उड़ते हुए कणों से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। प्लास्टिक के टुकड़ों से चोट: दबाव के कारण पाइप फट सकता है। इसके नुकीले टुकड़े चेहरे, आंखों और त्वचा में धंस सकते हैं। जलने का खतरा: धमाके से चेहरा और हाथ झुलस सकते हैं। सुनने की क्षमता पर असर: तेज आवाज से कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है।



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