Friday, October 30, 2026
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शुद्ध देसी दूध और पारंपरिक तरीके से बनता है यह कलाकंद, छपरा से विदेश तक सप्लाई


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छपरा के बसंत बाजार में शुद्ध देसी दूध से पारंपरिक तरीके से कलाकंद बनाया जाता है. यहां साफ-सफाई और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाता है. इस स्वादिष्ट मिठाई की मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ कोलकाता और विदेशों तक है. एक बार खाने वाले लोग यहाँ बार-बार आते हैं.

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सारणः छपरा के ग्रामीण बाजारों की मिठाइयां अपने बेहतरीन स्वाद और शुद्धता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं. यहां के छोटे बाजारों में मिलने वाली मिठाइयों की बात ही कुछ और है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि गांवों में दुधारू मवेशी बहुत पाले जाते हैं. इससे कारीगरों को आसानी से ताजा और शुद्ध दूध मिल जाता है. इसी कड़ी में गरखा प्रखंड का बसंत बाजार अपने स्वादिष्ट कलाकंद के लिए बहुत मशहूर है.

बबलू प्रसाद का मशहूर कलाकंद
इस बाजार में बबलू प्रसाद अपनी दुकान चलाते हैं. वे अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी हैं जो यह काम संभाल रहे हैं. वे शुद्ध कलाकंद बनाकर लोगों का मुंह मीठा कराते हैं. साफ-सफाई और शुद्धता पर उनका खास ध्यान रहता है. गांव से दूध लाने के बाद उसे अच्छी तरह ढककर रखा जाता है. इसके बाद कोयले की धीमी आंच पर दूध से खोवा तैयार किया जाता है.

स्वाद और शुद्धता का राज
इस कलाकंद में चीनी का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है. खोवा तैयार करने के बाद इसमें काजू, किशमिश और इलायची मिलाई जाती है. इससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. बबलू प्रसाद बताते हैं कि वे पूरी तरह शुद्ध दूध का इस्तेमाल करते हैं. उनकी मिठाई में किसी भी तरह की मिलावट नहीं होती है.

विदेशों तक जाती है इस कलाकंद की ख्याति
जो भी व्यक्ति यहां का कलाकंद एक बार खा लेता है, वह बार-बार खरीदने आता है। इस दुकान का कलाकंद कोलकाता और यहाँ तक कि विदेशों में रहने वाले लोग भी अपने साथ ले जाते हैं। उनके पिता ने इस दुकान की शुरुआत की थी। अब बबलू प्रसाद इसे संभाल रहे हैं। ग्राहकों का भरोसा आज भी वैसा ही बना हुआ है जैसा पहले था.

ग्राहकों का क्या कहना है?
स्थानीय निवासी जयप्रकाश सिंह बताते हैं कि वे बचपन से अपने पिता के साथ यहाँ कलाकंद खाने आ रहे हैं। पहले बबलू प्रसाद के पिता मिठाई बनाते थे। आज भी इस कलाकंद का स्वाद बिल्कुल पहले जैसा ही लाजवाब है। यही वजह है कि सिर्फ इस क्षेत्र के ही नहीं, बल्कि पूरे जिले से लोग दूर-दूर से यहाँ कलाकंद खरीदने आते हैं।

About the Author

Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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