किशनगंज में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के संविदा कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने, बकाया वेतन देने और सेवा समायोजन की मांग की है। मांगें 15 दिन में पूरी नहीं हुईं तो वे 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। डीडीसी को विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के प्रशासन शीर्ष में वर्ष 2007 से संविदा कर्मी पदस्थापित हैं। राज्यभर के डीआरडीए कर्मियों ने 28 अक्टूबर को पटना में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव से मिलकर अपनी मांगें रखीं। शुक्रवार को किशनगंज के कर्मियों ने इन्हीं मांगों को लेकर डीडीसी को विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रमोद कुमार ने बताया कि पटना में हुई वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव ने 15 दिन के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया। पिछले 5 साल में समायोजन पर फैसला नहीं प्रमोद कुमार ने कहा कि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो किशनगंज समेत बिहार के संविदा कर्मी 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। डीआरडीए में पदस्थापित संविदा कर्मियों प्रमोद कुमार, दीपक गुप्ता, राजन मिश्रा, संजय सिंह, अजय कुमार सिंह और दीपक कुमार साहा ने बताया कि उन्हें पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। वर्ष 2017 के बाद से उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2022 से डीआरडीए के प्रशासन शीर्ष को खत्म करने और कर्मियों को दूसरे विभागों में समायोजित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले 5 साल में समायोजन पर कोई फैसला नहीं लिया है।
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