Tuesday, November 3, 2026
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हादसे में चली गई पैरों की ताकत, लेकिन हौसले से सुमित ने बदली जिंदगी


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कभी-कभी जिंदगी में आया एक हादसा इंसान के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर देता है, लेकिन मजबूत हौसला मुश्किलों के बीच भी रास्ता बना सकता है. ऐसी ही कहानी सुल्तानपुर के सुमित की है. दो मंजिला इमारत से गिरने के बाद उनके कमर से नीचे का हिस्सा प्रभावित हो गया और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो गए. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आज वह फूड डिलीवरी का काम करके अपनी आजीविका चला रहे हैं.

सुमित के साथ कुछ समय पहले एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. वह दो मंजिला इमारत से नीचे गिर गए थे. इस दुर्घटना में उनकी कमर से नीचे का हिस्सा प्रभावित हुआ और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो गए. हादसे के बाद उनके लिए चलना-फिरना और सामान्य दिनचर्या निभाना आसान नहीं रहा. अचानक आई इस परेशानी ने उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दीं.

सुमित ने इंटर तक पढ़ाई की है. हादसे के बाद उनकी शारीरिक स्थिति बदल गई, जिसके कारण रोजगार तलाशना भी मुश्किल हो गया. एक तरफ स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी थी तो दूसरी तरफ अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करने की चिंता. ऐसे हालात में भी उन्होंने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया और आजीविका चलाने के लिए काम तलाशना शुरू किया.

सुमित की जिंदगी में रंजीत की मदद अहम साबित हुई. रंजीत ने उन्हें जोमैटो से जोड़ा और फूड डिलीवरी का काम शुरू करवाया. इसके बाद सुमित ने धीरे-धीरे इस काम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया. इस काम के जरिए उन्हें अपनी मेहनत से कमाई करने का रास्ता मिला.

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सुमित पिछले करीब 10 महीने से शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं. हादसे के बाद आई शारीरिक चुनौतियों के बावजूद वह लगातार काम कर रहे हैं. उनके लिए यह काम केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बने रहने और अपनी जरूरतें पूरी करने का माध्यम भी है.

हादसे के बाद सुमित के सामने जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करने की चुनौती थी. इसके बावजूद उन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने काम करने का फैसला किया और अपनी मेहनत से आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी. उनकी कहानी बताती है कि मुश्किल समय में भी हिम्मत और सही सहयोग से आगे बढ़ने के रास्ते तलाशे जा सकते हैं.

सुमित की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी मुश्किल परिस्थिति के कारण आगे बढ़ने में परेशानी महसूस करते हैं. हादसे के बाद उनकी जिंदगी आसान नहीं रही, लेकिन उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा. आज वह फूड डिलीवरी करके अपनी आजीविका चला रहे हैं. सुमित का कहना है कि परेशानी कितनी भी बड़ी हो, इंसान को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और मेहनत करते रहना चाहिए.



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