सहरसा नगर निगम में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के निलंबन और तबादले के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी कामकाज ठप रहा। वार्ड पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने निगम कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। इस दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त का निलंबन वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कोसी प्रमंडल के आयुक्त को सौंपा ज्ञापन 40 से अधिक वार्ड पार्षदों के हस्ताक्षर वाला संयुक्त ज्ञापन कोसी प्रमंडल के आयुक्त को सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास एवं आवास मंत्री, जिलाधिकारी और सदर एसडीओ को भी भेजी गईं। इसमें पार्षदों ने नगर आयुक्त के निलंबन और तबादले पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। दीपावली और छठ से पहले सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले नगर आयुक्त के निलंबन और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, प्रभात कुमार झा के कार्यकाल में जलजमाव से राहत दिलाने, सड़क और नाला निर्माण, तालाबों के सुधार, ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई से जुड़े कई काम किए गए थे। पार्षदों ने आशंका जताई कि उनके हटने से शहर में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। 68 विभागीय योजनाओं का भी किया जिक्र पार्षदों ने ज्ञापन में निगम की 68 विभागीय योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं तत्कालीन मुख्यमंत्री के दौरे और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के अनुपालन में जनहित को ध्यान में रखकर शुरू की गई थीं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि फेसबुक पर चलाए गए भ्रामक अभियानों के आधार पर नगर आयुक्त का पक्ष सुने बिना उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। निलंबन वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग धरना और तालाबंदी में शामिल पार्षदों ने प्रभात कुमार झा का निलंबन तत्काल वापस लेने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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