Thursday, June 11, 2026
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क्‍या जनगणना और जात‍ि जनगणना एक साथ नहीं होगी? दावों की हकीकत जान‍िए


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जनगणना को लेकर गृह मंत्रालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि भारत की जनगणना और जातीय जनगणना दोनों प्रक्रिया एक साथ होगी. इस बाबत गृह मंत्री अमित शाह ने 15 जून को एक रिव्यू बैठक किया था जिसे लेकर प्रेस रिलीज भी जार…और पढ़ें

गृह मंत्रालय ने जनगणना और जात‍ि जनगणना पर सोशल मीडिया पर उड़ रहीं अफवाहों पर बड़ा बयान दिया. (Image:PIB)

हाइलाइट्स

  • गृह मंत्रालय ने जनगणना और जाति जनगणना की पुष्टि की.
  • जनगणना 2025 पूरी तरह से डिजिटल होगी.
  • सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी गलत है.

नई दिल्ली. देशभर में जनगणना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि जनगणना और जात‍ि जनगणना एक साथ नहीं होंगी, जबकि कुछ में इसे राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है. लेकिन अब इन तमाम चर्चाओं और भ्रमों पर गृह मंत्रालय ने स्थिति साफ कर दी है.

गृह मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत की जनगणना और जातीय जनगणना की प्रक्रिया एक साथ ही की जाएगी. 15 जून 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस विषय पर एक रिव्यू मीटिंग की थी, जिसमें जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई. इसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई, जिसमें इस बात की पुष्टि की गई कि दोनों प्रक्रियाएं एक साथ होंगी.

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थी भ्रामक जानकारी

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही थी कि केंद्र सरकार केवल सामान्य जनगणना कराएगी और जातीय आंकड़े नहीं जुटाए जाएंगे. कुछ पोस्ट में इसे एक खास समुदाय के खिलाफ साजिश बताया जा रहा था. कई यूजर्स ने इसे जाति आधारित जनसंख्या को छुपाने की कोशिश भी बताया. लेकिन गृह मंत्रालय के ताजा बयान ने इन सभी अटकलों पर पूर्णविराम लगा दिया है.

जनगणना और जात‍ि गणना– दोनों होंगे साथ

भारत सरकार के अनुसार, जनगणना के दौरान नागरिकों से उनकी जाति, उपजाति और समुदाय से जुड़े विवरण भी लिए जाएंगे. यह डेटा न केवल सामाजिक योजनाओं की रणनीति बनाने में मदद करेगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की स्थिति का आकलन करने में भी अहम भूमिका निभाएगा.

डिजिटल तरीके से होगी जनगणना

2025 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल और तकनीक आधारित होगी. लोगों को मोबाइल ऐप के जरिए अपने डेटा खुद दर्ज करने का भी विकल्प दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकार घर-घर जाकर डेटा जुटाने के लिए भी अधिकारियों की नियुक्ति करेगी.

क्यों जरूरी है जाति जनगणना?

जाति आधारित जनगणना का सबसे बड़ा उद्देश्य यह जानना है कि किस जाति या समुदाय की आबादी कितनी है और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति क्या है. इससे सरकार को योजनाएं बनाने, आरक्षण नीति की समीक्षा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. अगर आप सोशल मीडिया पर कोई ऐसा पोस्ट देखें जो कहे कि ‘जाति जनगणना नहीं होगी’ या ‘यह सरकार का एकतरफा फैसला है’, तो समझ लीजिए कि वह जानकारी झूठी है. गृह मंत्रालय ने खुद पुष्टि की है कि जनगणना और जाति जनगणना दोनों साथ-साथ ही कराई जाएंगी.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in … और पढ़ें

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