फिटनेस और खानपान को लेकर बॉलीवुड सितारों के तरीके अक्सर चर्चा में रहते हैं. अभिनेत्री राधिका मदान भी अपनी डाइट में कुछ बदलावों को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्होंने बताया कि वह चीनी और दूध का सेवन बंद कर चुकी हैं, जबकि गेहूं बहुत कम मात्रा में खाती हैं. हालांकि, राधिका ने अपनी डाइट को किसी सख्त नियम में बांधने के बजाय घर के बने खाने और खानपान की आदतों में बदलाव पर जोर दिया है. लेकिन क्या चीनी, दूध और गेहूं छोड़ना हर किसी के लिए जरूरी है? आइए समझते हैं कि इन चीजों का ज्यादा सेवन किन परिस्थितियों में नुकसान पहुंचा सकता है और इन्हें डाइट से हटाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
चीनी का सेवन क्यों कम करना चाहिए?
चीनी का ज्यादा सेवन शरीर की सेहत पर असर डाल सकता है. मीठे पेय, मिठाइयां और ज्यादा चीनी वाले पैकेज्ड फूड से शरीर को अतिरिक्त कैलोरी मिलती है. लंबे समय तक इनका अधिक सेवन वजन बढ़ने, दांतों में सड़न और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे से जुड़ा हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को चीनी पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए. बेहतर है कि रोजाना अतिरिक्त चीनी का सेवन सीमित रखा जाए और मीठे पेय पदार्थों की जगह पानी या बिना चीनी वाले विकल्प चुने जाएं.
दूध छोड़ने से पहले जान लें ये बातें
दूध कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों का स्रोत है. हालांकि, कुछ लोगों को दूध में मौजूद लैक्टोज पचाने में परेशानी होती है. इसे लैक्टोज इनटॉलरेंस कहा जाता है. ऐसे लोगों को दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस, पेट में दर्द या दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं. कुछ लोगों को दूध के प्रोटीन से एलर्जी भी हो सकती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट में बदलाव करना जरूरी है. लेकिन अगर आपको दूध से कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे बिना किसी कारण पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है. अगर आप दूध नहीं पीते हैं, तो कैल्शियम और प्रोटीन के दूसरे स्रोतों का ध्यान रखें. इसके लिए दही, पनीर, कैल्शियम से भरपूर फोर्टिफाइड सोया ड्रिंक और अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थ विकल्प हो सकते हैं.
गेहूं कम खाने से क्या होगा?
गेहूं भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है. इससे कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा और कुछ मात्रा में फाइबर मिलता है. लेकिन रिफाइंड आटे से बने खाद्य पदार्थों की जगह साबुत गेहूं और दूसरे साबुत अनाज चुनना अधिक फायदेमंद हो सकता है. कुछ लोगों को सीलिएक रोग या गेहूं से जुड़ी दूसरी चिकित्सकीय समस्याएं होती हैं. ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार गेहूं से परहेज करना पड़ सकता है. वहीं, बिना किसी चिकित्सकीय कारण के गेहूं छोड़ना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है. अगर आप गेहूं कम खाते हैं, तो डाइट में ज्वार, बाजरा, रागी, ओट्स और अन्य साबुत अनाज शामिल कर सकते हैं. इससे पोषण और फाइबर की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है.
क्या राधिका मदान की डाइट अपनानी चाहिए?
राधिका मदान ने अपने खानपान से जुड़े बदलाव साझा किए हैं, लेकिन उनकी डाइट हर व्यक्ति के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है. शरीर की जरूरत उम्र, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति के अनुसार अलग होती है. इसलिए किसी सेलिब्रिटी को देखकर चीनी, दूध या गेहूं पूरी तरह छोड़ने के बजाय संतुलित भोजन पर ध्यान देना बेहतर है. घर का बना खाना, फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन डाइट का हिस्सा होने चाहिए.

