पुष्पेंद्र कुमार तिवारी | बलिया2 मिनट पहले
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बलिया में विशेष मतदाता पुनरीक्षण को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनके कार्य दायित्वों पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कड़ी चेतावनी भी दी।
प्रशिक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) और एईआरओ (सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) की तैनाती तथा उनके कार्य दायित्वों की समीक्षा की। उन्होंने सभी बूथों पर बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) और सुपरवाइजर की तैनाती सूची अनिवार्य रूप से तैयार करने का निर्देश दिया। एईआरओ को सभी संबंधित डेटा उपलब्ध कराने और प्रत्येक बूथ की अद्यतन जानकारी रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।
डीएम ने अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित टाइम टेबल की पूरी जानकारी रखने पर जोर दिया, विशेषकर सातों विधानसभा क्षेत्रों के संबंध में। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दावा एवं आपत्तियों की संख्या, प्रारूप-6 (नए मतदाताओं के नाम जोड़ने हेतु), प्रारूप-7 (दावा/आपत्ति हेतु) और प्रारूप-8 (संशोधन हेतु) से प्राप्त आवेदनों की पूरी जानकारी प्रतिदिन बूथवार संकलित कर शाम 7 बजे तक अपडेट की जाए।
दावा एवं आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक स्वीकार की जाएंगी। नोटिस जारी करने और उन पर निर्णय लेने की प्रक्रिया 6 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगी। इसके अतिरिक्त, 11 जनवरी को बीएलओ द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बीएलओ द्वारा जारी नोटिसों की तामील की समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस की तामील तीन दिन के भीतर सुनिश्चित की जाए और 10 जनवरी तक सभी नोटिसों की तामील अनिवार्य रूप से पूरी होनी चाहिए। ऐसा न होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बीएलओ से तामील रिपोर्ट विस्तार से लिखवाने के निर्देश भी दिए गए।
सभी एईआरओ को निर्देशित किया गया कि वे अपने मतदाता केंद्रों पर जाकर बीएलओ को वोटर लिस्ट वितरित करते समय ग्रुप फोटो लें और उसे शाम 3 बजे तक सभी ईआरओ को अपलोड करने हेतु भेजें। जिलाधिकारी ने पुनः चेतावनी दी कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ईआरओ को राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार अपने-अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण में एडीएम अनिल कुमार, सभी निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी और अतिरिक्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


