Tuesday, May 26, 2026
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‘आतंकवाद पर पोलैंड से जीरो टॉलरेंस की उम्मीद’, जयशंकर की दो टूक


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India-Poland Relation: पोलैंड के साथ आतंकवाद पर बनी सहमति भारत के लिए अहम मानी जा रही है. कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारत चाहता है कि यूरोपीय देश आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख में और अधिक स्पष्टता और दृढ़ता दिखाएं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां राज्य प्रायोजित या सीमा पार आतंकवाद की समस्या गंभीर बनी हुई है.

India-Poland Relation: पोलैंड के डिप्‍टी पीएम और विदेश मंत्री रोदोस्‍लाव सिकोरस्की ने सोमवार 19 जनवरी 2026 को एस. जयशंकर से मुलाकात की. (फोटो: PTI)

India-Poland Relation: सीमा पार और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मिलकर मुकाबला करने की जरूरत पर भारत और पोलैंड के बीच मजबूत सहमति उभरकर सामने आई है. पोलैंड के विदेश मंत्री ने कहा है कि उनका देश इस चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को बेहद जरूरी मानता है, क्योंकि पोलैंड खुद भी आतंकवादी घटनाओं और संदिग्ध राज्य प्रायोजित हमलों का सामना कर चुका है. उन्होंने कहा कि आगजनी की घटनाओं से लेकर चलती ट्रेन के समय रेलवे लाइन उड़ाए जाने जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि आतंकवाद किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं है और इसका मुकाबला सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है.

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का सख्त रुख दोहराया. उन्होंने कहा कि पोलैंड नेतृत्व हमारे क्षेत्र से भली-भांति परिचित है और क्रॉस बॉर्डर टेररिज्‍म की पुरानी समस्या को समझता है. जयशंकर ने उम्मीद जताई कि पोलैंड आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा और भारत के पड़ोस में सक्रिय आतंकवादी ढांचे को किसी भी तरह की राजनीतिक, कूटनीतिक या नैतिक मदद नहीं देगा. जयशंकर ने कहा, ‘हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया में भारी उथल-पुथल चल रही है. ऐसे माहौल में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और एकजुट रुख अपनाए.’ उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को किसी भी कारण या संदर्भ में जायज ठहराने की कोशिशें वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं.

यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख दोहराया

यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत की स्थिति को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी जयशंकर ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सितंबर में न्यूयॉर्क और जनवरी में पेरिस में उन्होंने भारत का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा था, लेकिन इसके बावजूद केवल भारत को निशाना बनाना न तो सही है और न ही जायज. उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों पर अलग-अलग देशों के अपने दृष्टिकोण हो सकते हैं, लेकिन किसी एक देश को चुनकर आलोचना करना रचनात्मक समाधान की दिशा में मददगार नहीं है. पोलैंड के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब हाल के महीनों में यूरोपीय देशों के पाकिस्तान के साथ संपर्कों पर भारत की करीबी नजर रही है. अक्टूबर 2025 में पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जो 2011 के बाद किसी पोलिश विदेश मंत्री की पहली बड़ी यात्रा थी. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार सहित शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की.





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