पहले फेज में एयर इंडिया एक्सप्रेस नवी मुंबई एयरपोर्ट को देश के 15 प्रमुख शहरों को कनेक्ट करेगी, जिनमें दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के नाम शामिल हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस का प्लान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. मिड-2026 तक 20 डेली डिपार्चर्स ऑपरेशंस को बढ़ाकर 55 डेली डिपार्चर्स तक पहुंचाने का प्लान है. इन डिपार्चर्स में 5 इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी शामिल होंगी. यानी, आप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए भी फ्लाइट पकड़ सकेंगे.
पैसेंजर्स के लिए क्या है फायदा?
दावा है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्ट्रैटेजिक लोकेशन मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर)
के ट्रैवलर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. नवी मुंबई, ठाणे, या आसपास के इलाकों में रहने वाले पैसेंजर्स को अब फ्लाइट के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) तक की लंबी जर्नी नहीं करनी पड़ेगी. नवी मुंबई एयरपोर्ट इनके घर के करीब होगा, जिससे ट्रैफिक और लंबी क्यूज में वक्त बर्बाद करने की टेंशन खत्म होगी. साथ ही, नवी मुंबई एयरपोर्ट का फोकस टेक्नोलॉजी और एफिशिएंसी पर है तो चेक-इन, सिक्योरिटी, और बोर्डिंग प्रोसेस भी फटाफट हो जाएंगे.
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ मुंबई अब उन ग्लोबल सिटीज की लिस्ट में है, जहां दो एयरपोर्ट्स हैं. एयर इंडिया इसे भारत और दुनिया के बाकी हिस्सों से कनेक्ट करने वाला हब बनाएंगी. वहीं, अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के सीईओ अरुण बंसल का कहना है कि वह नवी मुंबई एयरपोर्ट को ग्लोबल स्टैंडर्ड का एयरपोर्ट बनाना चाहते हैं. एयर इंडिया की पार्टनरशिप के साथ हम मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की कनेक्टिविटी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएंगे.
NMIA की कैपेसिटी और फ्यूचर प्लान
पहले फेज में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट हर साल 20 मिलियन पैसेंजर्स और 0.5 मिलियन मेट्रिक टन कार्गो हैंडल करेगा. लेकिन पूरा प्रोजेक्ट कंप्लीट होने पर ये 90 मिलियन पैसेंजर्स और 3.2 मिलियन मेट्रिक टन कार्गो तक की कैपेसिटी वाला मेगा हब बन जाएगा. यानी, भविष्य में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना सिर्फ पैसेंजर्स के लिए, बल्कि कार्गो और लॉजिस्टिक्स के लिए भी इंडिया का बड़ा गेटवे होगा. इसके अलावा, नवी मुंबई एयरपोर्ट और एयर इंडिया ग्रुप की यह पार्टनरशिप ट्रैवलर्स के लिए ढेर सारी सुविधाएं लेकर भी आएगी.

