Gulab Jamun Recipe: गुलाब जामुन बनाते समय अक्सर ऐसा होता है कि बाहर से मिठाई का रंग तो अच्छा आ जाता है, लेकिन अंदर गांठें रह जाती हैं. कभी जामुन तलते समय फटने लगते हैं तो कभी चाशनी में डालने के बाद भी अंदर से सख्त रहते हैं. इसकी एक वजह खोया या मिल्क पाउडर के मिश्रण का सही तरीके से तैयार न होना हो सकती है. अच्छी बात यह है कि कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
खोया छानने से लेकर आटा मिलाने और आटा गूंथने तक की प्रक्रिया में सावधानी जरूरी है. आइए जानते हैं कि गुलाब जामुन का मिश्रण बिना गांठ वाला कैसे बनाएं और गूंथते समय किन गलतियों से बचें.
गुलाब जामुन के मिश्रण में गांठें क्यों पड़ती हैं?
गुलाब जामुन का मिश्रण खोया, पनीर, मैदा या मिल्क पाउडर जैसी सामग्री से बनाया जा सकता है. हर विधि में गांठ पड़ने की वजह थोड़ी अलग हो सकती है. खोया इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह सूखा, कड़ा या दानेदार होने पर मिश्रण में छोटे-छोटे टुकड़े छोड़ सकता है. वहीं मिल्क पाउडर को बिना छाने या सही लिक्विड के बिना मिलाने से भी गांठें बन सकती हैं. एक और आम गलती है कि मिश्रण को जरूरत से ज्यादा गूंथ दिया जाता है. इससे तैयार जामुन की बनावट पर असर होता है. इसलिए शुरुआत में ही सामग्री को अच्छी तरह मिलाना और जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखना जरूरी है.
बिना गांठ की गुलाब जामुन बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके
1. खोया इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले उसे अच्छी तरह मसलें
अगर आप मावे से गुलाब जामुन बना रहे हैं तो सबसे पहले उसे कमरे के तापमान पर थोड़ा नरम होने दें. इसके बाद हाथों से अच्छी तरह मसलें या बड़ी छलनी से छान लें. इससे मावे के बड़े टुकड़े अलग हो जाएंगे और मिश्रण ज्यादा एकसार बनेगा. अगर मावा बहुत सूखा है तो उसे जबरदस्ती ज्यादा दूध डालकर गीला न करें. जरूरत के मुताबिक ही नमी बढ़ाएं.
2. मिल्क पाउडर को छानकर इस्तेमाल करें
मिल्क पाउडर से गुलाब जामुन बना रहे हैं तो उसे मैदा और बेकिंग पाउडर जैसी सूखी सामग्री के साथ छलनी से छान लें. इससे पाउडर के छोटे लम्प्स टूट जाएंगे और सभी सामग्री आपस में अच्छी तरह मिल सकेगी. दूध या अन्य तरल सामग्री एक साथ बहुत ज्यादा डालने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलाएं.
3. आटा गूंथने के बजाय हल्के हाथों से मिलाएं
गुलाब जामुन का मिश्रण रोटी के आटे की तरह सख्त नहीं गूंथना चाहिए. सामग्री को हल्के हाथों से मिलाकर नरम और एकसार मिश्रण तैयार करें. अगर मिश्रण सूखा लगे तो विधि के अनुसार थोड़ा दूध डालें. अगर वह चिपचिपा है तो तुरंत बहुत सारा मैदा डालने के बजाय पहले कुछ देर उसकी बनावट देखें.
4. तलने से पहले छोटी-सी लोई बनाकर जांचें
मिश्रण तैयार होने के बाद एक छोटा गोला बनाएं. उसकी सतह चिकनी होनी चाहिए और उसमें दरारें नहीं दिखनी चाहिए. अगर गोले पर दरारें पड़ रही हैं तो मिश्रण में नमी कम हो सकती है. ऐसे में थोड़ी नमी मिलाकर दोबारा हल्के हाथों से एकसार करें. एक छोटा जामुन तलकर देखना भी सही है. इससे पता चल सकता है कि मिश्रण ठीक है या उसमें बदलाव की जरूरत है.
गांठें रह गई हों तो क्या करें?
अगर मिश्रण में बड़ी गांठें दिखाई दे रही हैं तो उन्हें उंगलियों से धीरे-धीरे तोड़कर बाकी मिश्रण में मिलाएं. खोया वाले मिश्रण को हल्के हाथों से दोबारा मसल सकते हैं. मिल्क पाउडर के मिश्रण में सूखी गांठें हों तो थोड़ा-सा दूध डालकर धीरे-धीरे मिलाएं.
ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा दूध या मैदा डालने से मिश्रण बिगड़ सकता है. इसी तरह तैयार जामुन को तेज आंच पर तलने से बाहर की परत जल्दी गहरी हो सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पकता. इसलिए मीडियम से धीमी फ्लेम पर धीरे-धीरे तलना बेहतर रहता है.
चाशनी भी होनी चाहिए सही
बिना गांठ वाले मिश्रण के बावजूद गुलाब जामुन का अंदरूनी हिस्सा सख्त रह सकता है, अगर गोले बहुत बड़े हों या तलने का तापमान सही न हो. चाशनी भी इतनी गाढ़ी नहीं होनी चाहिए कि जामुन उसमें आसानी से रस न सोख पाएं. तले हुए जामुन को गर्म चाशनी में डालने से पहले आंच बंद कर दें या चाशनी को हल्का गर्म रखें. उन्हें 2-3 घंटे का समय दें ताकि वे रस सोख सकें.

