Friday, June 19, 2026
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जब टूटने लगे थे शाहिद कपूर, तब मीरा ने दिया राधा स्वामी का सहारा, ब्यास किनारे बनाया घर


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फिल्मों की चकाचौंध और मुंबई के आलीशान महल को छोड़ आखिर क्यों पंजाब में वक्त बिताते हैं शाहिद और मीरा? एक्टर ने खुद खोला अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का राज और बताया कि कैसे मीरा की सादगी और ब्यास के घर ने उन्हें एक नया जीवन दिया.

बॉलीवुड के चॉकलेट बॉय शाहिद कपूर और उनकी पत्नी मीरा राजपूत अक्सर अपनी ग्लैमरस लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्टार कपल असल जिंदगी में काफी धार्मिक भी है? शाहिद और मीरा जब भी मुंबई की भागदौड़ से थक जाते हैं, तो सुकून की तलाश में पंजाब पहुंच जाते हैं. दोनों लंबे समय से राधा स्वामी सत्संग ब्यास से जुड़े हुए हैं. पंजाब में इस कपल का बेहद खूबसूरत और आलीशान फार्महाउस है, जहां दोनों सुकून का वक्त बिताने जाते हैं.

शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म कॉकटेल 2 को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन एक्टर को जब भी अपने बिजी शेड्यूल से टाइम मिलता है,तो वह अपनी पत्नी मीरा राजपूत के साथ सीधे पंजाब निकल जाते हैं. जहां ब्यास में बना राधा स्वामी सत्संग डेरा इन दोनों के लिए शांति और सुकून पाने का सबसे बड़ा ठिकाना है.

शाहिद और मीरा की लव स्टोरी जितनी स्पेशल है, उतना ही उनका आध्यात्मिक सफर भी है. इस बारे में शाहिद खुद बात कर चुके हैं. पंजाब के ब्यास में बना उनका घर उन्हें दुनिया में सबसे खूबसूरत लगता है.

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यहां तक कि उन्हें यह घर मुंबई वाले आलीशान घर से भी ज्यादा पसंद है. शाहिद कपूर और मीरा राजपूत दोनों ही राधा स्वामी सत्संग ब्यास में गहरी आस्था रखते हैं. दोनों परिवार लंबे समय से इस आध्यात्मिक संस्था से जुड़े हुए हैं. यही समान आस्था आगे चलकर उनकी शादी की एक बड़ी वजह भी बनी.

शाहिद ने बताया था कि हम अक्सर ब्यास जाते हैं. मीरा के मम्मी-पापा का वहां घर है और हमारा भी. वहां हमें सब कुछ मिल जाता है. वह जगह हमारे दिल के बहुत करीब है. उन्होंने कहा था कि 25 साल की उम्र में उन्होंने राधा स्वामी में ‘नाम’ लिया था. दिलचस्प बात यह है कि मीरा ने भी यही आध्यात्मिक मार्ग अपनाया. इसके अलावा शाहिद 19 साल की उम्र में ही शाकाहारी बन गए थे और तब से उसी जीवनशैली को फॉलो कर रहे हैं.

शाहिद ने मीरा से पहली मुलाकात का किस्सा भी सुनाया. उन्होंने कहा कि हम पहली बार दिल्ली में मिले थे. मैं 33 साल का था और मीरा 20 साल की थीं. उम्र का काफी अंतर था. हम दोनों सोच रहे थे कि आखिर बात किस बारे में करेंगे. मैं एक्टर था और वह अभी-अभी कॉलेज से निकली थीं. शुरुआत में दोनों के मन में झिझक थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

शाहिद ने बताया कि मीरा की सबसे अच्छी बात जो उन्हें लगती थी, वह है उनका आध्यात्म से जुड़ाव और उनका आध्यात्मिक स्वभाव. उन्होंने कहा कि उनका अपने गुरु पर बहुत विश्वास है. उनके परिवार के संस्कार बेहद अच्छे हैं, वह बहुत सहज हैं और जैसी हैं, वैसी ही रहती हैं. यही सादगी और सच्चाई उन्हें मीरा की ओर खींचती है.

शाहिद ने बताया कि जब मीरा शादी के बाद मुंबई आईं तो उन्होंने खुद को चेंज करने या फिल्मी दुनिया के हिसाब से ढालने की कोशिश नहीं की. वह बहुत नैचुरली आगे बढ़ीं. कभी नहीं लगा कि वह खुद को बदल रही हैं. मुझे उनकी यही बात सबसे ज्यादा पसंद है. एक्टर ने बताया था कि ऐसा भी वक्त आया जब लगा कि कुछ भी नहीं है और जिंदगी में सब बेमायने लगने लगा था. तब उस मुश्किल दौर में मीरा ने मेरा साथ दिया और मुझे समझाया. बता दें कि आज यह कपल हंसी-खुशी अपनी लाइफ एन्जॉय कर रहा है, वहीं शाहिद अपनी फिल्म कॉकटेल को लेकर चर्चा में हैं.

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