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Anilbhai success story : अनिलभाई आज करोड़ों रुपये के बंगल के मालिक हैं. इस बंगले के बाहर वे अपनी रेहड़ी 1997 से लगा रहे हैं. कभी उनका परिवार एक मंदिर के पास स्थित बॉम्बे कैंटीन में काम करता था. वहां वे कभी-कभी मंदिर में आने वाले लोगों के जूते-चप्पल की देखभाल भी करते थे.
आज भी अनिल वडा पाव का बिजनेस करते हैं. ( Photo : therealharryuppal/Instagram)
नई दिल्ली. अगर इरादे फौलादी हों और पसीने में सच्चाई, तो वक्त को झुकना ही पड़ता है. गुजरात के सूरत के अनिलभाई की कहानी इस बात का जीता-जागता सबूत है. जिस सफेद आलीशान बंगले के बाहर वे सालों तक सड़क किनारे वड़ा पाव की रेहड़ी लगाते रहे, आज उसी भव्य बंगले की नेमप्लेट पर उनका नाम लिखा है. अनिलभाई ने काम आज भी नहीं छोड़ा है और आज भी वडा पाव बेचने का उनका ठिकाना उसी बंगले के बाहर ही है. अनिलभाई वर्ष 1997 से वड़ा पाव बेच रहे हैं. उस समय एक वड़ा पाव की कीमत सिर्फ 2.50 रुपये थी.
अनिलभाई अपनी इस कामयाबी का सेहरा अनिलभाई खुद नहीं बांधते. वह हाथ जोड़कर सारा श्रेय अपनी मां के संघर्ष और मां अंबा के आशीर्वाद को देते हैं. उनका कहना है, “यह बंगला मेरा सपना नहीं था, यह मेरी मां और भाई का सपना था. मेरी मां के हाथों में जादू है, मसाले की जो खास रेसिपी है, वह आज भी वही तैयार करती हैं. हम तो सिर्फ उसे बनाकर बेचते हैं.” मक्खन से सिका ताजा पाव, तीखी हरी और लाल चटनी, कुरकुरा वड़ा और साथ में तली हुई हरी मिर्च. इसी देसी स्वाद ने सूरतवासियों को उनका मुरीद बना दिया.
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