Friday, June 12, 2026
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डिंडोरी में मानसून की दस्तक, आंधी-बारिश से तापमान गिरा: किसानों को धान की पौधे तैयार रखने के निर्देश; विभाग ने जारी की एडवायजरी – Dindori News




डिंडोरी जिले में बुधवार रात करीब 9 बजे मानसून ने दस्तक दी। तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे तापमान 40 डिग्री से गिरकर 37 डिग्री पर आ गया। इस बारिश से स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। बुधवार रात लगभग एक घंटे तक चली बारिश के दौरान 10 से 15 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान है। नगर में कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया, जिससे नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान जताया था। कृषि विभाग ने अल्पवर्षा से बचाव की सलाह दी डिंडोरी का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, आज गुरुवार सुबह से हल्की धूप खिली हुई है और मौसम साफ बना हुआ है। इस बीच, एल-नीनो प्रभाव और वर्षा की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए अल्पवर्षा एवं सूखे की स्थिति से निपटने हेतु वैज्ञानिक सलाह जारी की है। किसानों को वर्षा जल संरक्षण और उपलब्ध जल संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करने पर विशेष जोर देने को कहा गया है। किसान को धान की पौधे तैयार रखने के निर्देश कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों में वर्षा जल संचयन, बोरवेल रिचार्ज, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने के साथ-साथ जीरो टिलेज और फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देना आवश्यक है। किसानों को पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही बुवाई करने और कम अवधि एवं सूखा सहनशील फसल किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है। खेतों में नमी संरक्षण के लिए ब्रॉडबेड एवं फरो, रिज एवं फरो पद्धति, कंटूर नालियां, स्ट्रिप इंटरक्रॉपिंग और कम्पार्टमेंटल बंडिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, खेत तालाबों में संग्रहित पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और मानसून में विलंब की स्थिति में धान की पौध तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। एकल फसल की बजाय इंटरक्रॉपिंग अपनाने की सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को एकल फसल की बजाय अंतरवर्तीय खेती (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने की सलाह दी है। इसके तहत ज्वार के साथ अरहर, बाजरा के साथ अरहर, अरहर के साथ मूंगफली तथा अरहर के साथ सूरजमुखी जैसी फसल प्रणालियां अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है। कृषि विभाग ने बताया कि यदि बुवाई के बाद 15 से 20 दिनों तक सूखा अंतराल हो जाए और अंकुरण प्रभावित हो, तो किसान निंदाई-गुड़ाई, गैप फिलिंग एवं आवश्यकता अनुसार पुनर्बुवाई करें। वहीं मध्यावधि सूखे की स्थिति में पौधों की संख्या का नियमन, पर्णीय पोषण, खरपतवार नियंत्रण, सतही मल्चिंग तथा उपलब्ध संसाधनों से जीवन रक्षक सिंचाई करना लाभकारी रहेगा। किसानों को वैज्ञानिक सलाह अपनाने की अपील कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे मौसम आधारित वैज्ञानिक सलाह का पालन करें, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है।



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