इंडियन डेंटल एसोसिएशन गोरखपुर ब्रांच की ओर से शुक्रवार को डेंटल हाइपरसेंसिटिविटी सब्जेक्ट पर सीडीई प्रोग्राम और वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्रोग्राम में मुख्य वक्ता और एक्सपर्ट डॉ. गौरांग श्रीवास्तव ने दांतों की सेंसिटिविटी के कारणों, बचाव और आधुनिक इलाज पद्धतियों पर डॉक्टरों को जरूरी और व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने खास तौर पर कंपोजिट रेस्टोरेशन के बाद होने वाली पोस्ट-ऑपरेटिव सेंसिटिविटी के कारणों, उसकी रोकथाम और प्रभावी क्लिनिकल मैनेजमेंट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सही डायग्नोसिस, उचित बॉन्डिंग तकनीक और आधुनिक इलाज पद्धतियों के माध्यम से मरीजों में होने वाली सेंसिटिविटी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कंपोजिट रेस्टोरेशन के बाद होती है समस्या
कार्यक्रम का उद्घाटन आईडीए गोरखपुर के प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, पास्ट प्रेसिडेंट डॉ. पी.के. माथुर, सचिव डॉ. ए.एन. शर्मा और मुख्य वक्ता डॉ. गौरांग श्रीवास्तव सहित एग्जीक्यूटिव सदस्यों ने किया। संचालन डॉ. प्रियंका वर्मा ने किया। प्रभावी डेंटल केयर की तकनीकी बताई
सीडीई वर्कशॉप में डेंटिस्ट्स को नए क्लिनिकल तकनीकों और इलाज पद्धतियों की जानकारी दी गई, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण डेंटल केयर उपलब्ध कराई जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता डॉ. गौरांग श्रीवास्तव सहित सभी चिकित्सकों और आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
Source link
दांतों की झनझनाहट से मिलेगी राहत: IDA गोरखपुर की वर्कशॉप में एक्सपर्ट बोले- सही डायग्नोसिस से रुकेगी सेंसिटिविटी – Gorakhpur News
RELATED ARTICLES

