Sunday, May 31, 2026
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दुधारू पशुओं का सबसे बड़ा दुश्मन है ये रोग, जानें कारण और बचाव


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Animal Husbandry: पलामू के पशु डॉ. विकास कुमार ने बताया कि दुधारू पशुओं में खुरपका मुंहपका एफएमडी तेजी से फैल रहा है. पशुपालक इसका घरेलू उपाय के साथ एफएमडी वैक्सीन और नियमित देखभाल से ठीक कर सकते हैं. आइये जानते हैं उपाय के बारे में.

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पलामू: आज के समय में पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीविकोपार्जन का बड़ा माध्यम बन चुका है. बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक दुधारू पशुओं के सहारे अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन बदलते मौसम और सही देखभाल की कमी के कारण पशुओं में कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. इनमें खुरपका-मुंहपका रोग यानी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है. यह बीमारी पशुओं को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है और समय पर इलाज नहीं होने पर दुधारू पशु पूरी तरह बर्बाद हो सकता है.

बीमारी के लक्षण पहचानना जरूरी

पलामू के पशु चिकित्सक डॉ. विकास कुमार ने बताया की इस बीमारी की शुरुआत में पशु के मुंह से अधिक मात्रा में लार निकलने लगती है. पशु खाना-पीना छोड़ देता है और जुगाली करना बंद कर देता है. इसके साथ पशु को तेज बुखार भी हो सकता है. धीरे-धीरे उसके खुर में सड़न शुरू हो जाती है और जीभ में फोड़े पड़ जाते हैं. इस कारण पशु को खाने में परेशानी होती है और दूध उत्पादन तेजी से कम होने लगता है. कई बार स्थिति गंभीर होने पर पशु पूरी तरह कमजोर हो जाता है. इसके अलावा दुधारू पशुओं में कैल्सियम की कमी भी बड़ी समस्या बन रही है. खासकर बच्चा देने के बाद गाय और भैंस में कैल्सियम की भारी कमी हो जाती है, जिससे उन्हें उठने-बैठने में परेशानी होती है.

घरेलू उपाय से मिल सकती है राहत

उन्होंने कहा कि यदि पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. शुरुआती राहत के लिए एक मग पानी में एक चुटकी पोटैशियम परमैंगनेट मिलाकर हल्का गुलाबी घोल तैयार करें. इसके बाद पशु की जीभ और मुंह को इस पानी से साफ करें. फिर जीभ पर ग्लिसरीन लगाने से पशु को आराम मिलता है. वहीं, खुर की सड़न को पोटैशियम परमैंगनेट या फिटकरी वाले पानी से धोकर साफ करना चाहिए. इसके बाद प्रभावित जगह पर हिमेक्स क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह केवल शुरुआती राहत के उपाय हैं, सही इलाज के लिए पशु चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है.

एफएमडी वैक्सीन से होगा बचाव

उन्होंने बताया कि एफएमडी रोग से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे जरूरी उपाय है. झारखंड सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से दुधारू पशुओं को एफएमडी वैक्सीन निशुल्क लगाया जा रहा है. यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है. समय पर वैक्सीन लगवाने से पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है. पशुपालकों को नियमित टीकाकरण और सही देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और दूध उत्पादन प्रभावित न हो.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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