Sunday, September 27, 2026
Homeफूडनिजाम के नाम से मशहूर है ये बिस्कुट, 6 पीढ़ियों से कायम...

निजाम के नाम से मशहूर है ये बिस्कुट, 6 पीढ़ियों से कायम इस बेकरी का स्वाद


Last Updated:

Hyderabad Subhan Bakery: हैदराबाद की ऐतिहासिक सुभान बेकरी अपनी छह पीढ़ियों पुरानी बेकिंग विरासत के लिए मशहूर है. 1951 में नामपल्ली में शुरू हुई इस बेकरी के उस्मानिया बिस्कुट आज देश ही नहीं, विदेशों तक लोकप्रिय हैं. मीठे और हल्के नमकीन स्वाद वाले इन बिस्कुटों को निज़ाम मीर उस्मान अली खान के नाम से जोड़ा जाता है. सऊदी अरब, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाने वाले प्रवासी हैदराबादी भी इन्हें अपने साथ ले जाते हैं. ब्रेड से शुरू हुआ सफर प्लम केक, पफ्स, बर्गर और पेस्ट्री तक पहुंचा. परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल से सुभान बेकरी आज भी हैदराबाद के खास स्वाद की पहचान बनी हुई है.

हैदराबाद. अगर आप हैदराबाद के नामपल्ली से गुजरें, तो ताज़ा बेक हो रहे बिस्कुट और ब्रेड की भीनी-भीनी खुशबू आपको खुद-ब-खुद एक दुकान की तरफ खींच लेगी. यह ठिकाना है ऐतिहासिक सुभान बेकरी का, जिसके बिस्कुट आज सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी अपनी महक बिखेर रहे हैं. सुभान बेकरी की वर्तमान दुकान भले ही 1951 में खुली हो, लेकिन इस परिवार का बेकिंग से रिश्ता छह पीढ़ियों पुराना है.

परिवार के पूर्वज सैयद खादर कभी सिकंदराबाद में ब्रिटिश रेजिमेंट को ताज़ी ब्रेड की सप्लाई किया करते थे. आजादी के बाद 1951 में जब नामपल्ली में सुभान बेकरी की शुरुआत हुई, तो स्थानीय लोगों के बीच इसकी हाथ से बनी ब्रेड हाथों-हाथ बिकने लगी। आज चौथी पीढ़ी के संचालक सैयद इरफान इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. सुभान बेकरी के उस्मानिया बिस्कुट का स्वाद मीठे और हल्के नमकीन का ऐसा बेजोड़ संतुलन है कि मुंह में रखते ही घुल जाता है.

हर एनआरआई के सूटकेस में मिल जाएगा सुभान बेकरी का उत्पाद

हैदराबाद के अंतिम निज़ाम, मीर उस्मान अली खान के नाम पर बने इस बिस्कुट के बारे में कहा जाता है कि इसे खास तौर पर उस्मानिया जनरल अस्पताल के मरीज़ों और निज़ाम के चाय के समय के लिए तैयार कराया गया था. राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने से पहले प्रवासी हैदराबादी सुभान बेकरी रुकना नहीं भूलते. सऊदी अरब, अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन से आए एनआरआई के सूटकेस में सुभान बेकरी के लाल डिब्बे ज़रूर पैक होते हैं. स्थानीय लोगों के बीच तो मज़ाक में यह भी कहा जाता है कि इन बिस्कुटों के बिना हैदराबादी मुसाफिर का सफर पूरा ही नहीं माना जाता.

सुभान बेकरी ने खुद को समय के साथ ढाला

बेकरी की सबसे बड़ी खासियत समय के साथ खुद को ढालना है. 1950 के दशक में ब्रेड, 60 के दशक में प्लम केक, 70 के दशक में पफ्स और फिर बर्गर-पेस्ट्री जोड़कर इसने हर पीढ़ी का दिल जीता. बिस्कुट के अलावा यहां का पारंपरिक दम का रोत और त्योहारों पर बनने वाले खास व्यंजन भी खूब बिकते हैं. छोटे पैकेटों से लेकर गुजरात के एक आयोजन के लिए 2.4 टन बिस्कुट तैयार करने तक, सुभान बेकरी आज भी पुरानी रिवायत और आधुनिक तकनीक के दम पर हैदराबाद के सबसे भरोसेमंद स्वाद का प्रतीक बनी हुई है.

About the Author

दीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments