प्रदेश में अलग-अलग विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार ने अब तक पांचवां वेतनमान नहीं दिया है। इसको लेकर हाईकोर्ट में 300 से अधिक मामले जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट में चल रहे हैं। नाम मात्र की संख्या में बचे ऐसे कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ देने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय ने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति, संविलियन पर शासन में पदस्थ कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ देने तथा वर्षों से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जरूरत है। 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके वर्ष 1998 से राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति अथवा संविलियन पर कार्यरत तिलहन संघ के लगभग 800 कर्मचारियों को अब तक पांचवें वेतनमान और एरियर राशि का लाभ नहीं मिल सका है। इनमें से करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले से जुड़ी लगभग 300 याचिका एवं अवमानना प्रकरण वर्ष 2008 से जबलपुर और इंदौर खंडपीठ में लंबित हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 200 कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ पहले ही मिल चुका है, जबकि अन्य विभागों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 50 प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित यह भी कहा गया है कि इन प्रकरणों में शासन द्वारा अधिवक्ताओं की फीस, अधिकारियों की यात्रा और अन्य प्रशासनिक मदों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पत्र में उच्च न्यायालय, जबलपुर के उन आदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिनसे संबंधित करीब 50 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। पत्र में संविधान के समानता के अधिकार और “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत का हवाला देते हुए कर्मचारियों को वैधानिक लाभ से वंचित रखना अनुचित बताया गया है।
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नेता प्रतिपक्ष कार्यालय ने सीएस को लिखी चिट्ठी: तिलहन संघ के कर्मचारियों को दें पांचवें वेतनमान का लाभ, कोर्ट में चल रहे 300 से अधिक केस – Bhopal News
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