बक्सर जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग की मंगलवार दोपहर 2 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.17 मीटर पर पहुंच गया है। यह चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर से 15 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का जलस्तर फिलहाल करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। जलस्तर में कमी आने से गंगा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले दिनों नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। पानी चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। इसके बाद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था। घाटों पर अभी भी खतरा बरकरार जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन किसी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं है। गंगा के घाटों पर अभी भी खतरा बना हुआ है। नदी में पानी का बहाव तेज है और कई स्थानों पर घाटों का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौका विहार पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही बाढ़ के पानी में जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। रील बनाने के लिए जान जोखिम में न डालें प्रशासन ने लोगों से नदी और बाढ़ के पानी के आसपास किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि नहीं करने की अपील की है। खासकर युवाओं को बाढ़ के पानी और गंगा के घाटों पर रील या वीडियो बनाने के लिए जान जोखिम में नहीं डालने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्थानों पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। जलस्तर पर लगातार नजर गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी नदी के जलस्तर और बहाव पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले घंटों में जलस्तर में और कमी आती है या दोबारा बढ़ोतरी होती है, इस पर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
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